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आरक्षण पर गरमाई सियासत, चंद्रशेखर आजाद बोले- विरोध है तो अपना राजनीतिक दल बनाकर कानून बनाइए

 
आरक्षण पर गरमाई सियासत, चंद्रशेखर आजाद बोले- विरोध है तो अपना राजनीतिक दल बनाकर कानून बनाइए

 

 

 

UP News: जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और सुधार की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने आरक्षण के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए आंदोलनकारियों को राजनीतिक रास्ता अपनाने की सलाह दी है।

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर सवर्ण समाज को लगता है कि राजनीतिक दल उनकी बात नहीं सुन रहे हैं, तो उन्हें अपना राजनीतिक संगठन बनाना चाहिए। इसके बाद चुनाव लड़कर लोकसभा और राज्यसभा में अपने प्रतिनिधि भेजने चाहिए और कानून बनाने की प्रक्रिया में भागीदारी करनी चाहिए।

आरक्षण विरोधी आंदोलन पर सरकार को घेरा

नगीना सांसद ने दावा किया कि मौजूदा आरक्षण विरोधी आंदोलन सरकार की ओर से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल लोगों को जाति जनगणना और आर्थिक आंकड़ों के सामने आने का डर है। चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि बहुजन समाज ऐसे प्रयासों को नजरअंदाज नहीं करेगा।

इससे पहले भी चंद्रशेखर आजाद आरक्षण के मुद्दे पर विरोध करने वालों को सार्वजनिक बहस की चुनौती दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण के खिलाफ यदि किसी के पास तर्क और तथ्य हैं तो वे सामने आकर संविधान के दायरे में चर्चा करें।

‘आरक्षण कोई खैरात नहीं’

चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा था कि आरक्षण को लेकर लंबे समय से माहौल बनाया जा रहा है और अब ‘आरक्षण में सुधार’ जैसे शब्दों के जरिए इस बहस को आगे बढ़ाया जा रहा है। उनका कहना है कि आरक्षण कोई दया या खैरात नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से वंचित समुदायों को संविधान से मिला प्रतिनिधित्व का अधिकार है।

उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को भी चेतावनी देते हुए कहा कि आरक्षण व्यवस्था में किसी भी तरह का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक, आरक्षण पर किसी भी प्रकार का हमला सामाजिक न्याय के अधिकार पर हमला माना जाएगा।

जंतर-मंतर के प्रदर्शन के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

आरक्षण व्यवस्था में समीक्षा और सुधार की मांग को लेकर 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। प्रदर्शन के बाद आंदोलन से जुड़े हर्ष दुबे ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से मुलाकात की और उनके साथ प्रेस वार्ता भी की।

इसके बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरक्षण को लेकर बयानबाजी और तेज हो गई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इस आंदोलन को आरक्षण समाप्त करने की दिशा में उठाया गया कदम बता चुके हैं। उन्होंने इसे पीडीए वर्ग के अधिकारों के लिए खतरा बताया था।

अब चंद्रशेखर आजाद के ताजा बयान ने आरक्षण के मुद्दे पर जारी राजनीतिक बहस को और धार दे दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दूसरे राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया भी सामने आने की संभावना है।