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यूपी में किसानों पर बिजली संकट की मार, 2 महीने से बिजली गुल! गेहूं की बुवाई पर मंडराया बड़ा संकट

यूपी में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण किसानों के सामने खेती का संकट खड़ा हो गया है. कृषि बिजली लाइन पिछले दो महीने से ठप पड़ी है, जिससे किसानों को खेतों की सिंचाई में परेशानी हो रही है. गेहूं की बुवाई का समय नजदीक आने के साथ उनकी चिंता बढ़ गई है.
 
UP

Shahjahanpur:  उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में बिजली विभाग की कथित लापरवाही किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। जैतीपुर क्षेत्र के अमईपुर सड़ा गांव में आंधी के दौरान टूटे बिजली के आठ खंभे करीब दो महीने बाद भी नहीं बदले गए हैं। इसके चलते कृषि बिजली लाइन पूरी तरह बंद पड़ी है और किसानों को खेतों की सिंचाई करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

गेहूं की बुवाई का सीजन नजदीक आने के साथ ही किसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें आशंका है कि समय पर खेतों की सिंचाई नहीं हुई तो बुवाई में देरी हो सकती है, जिसका सीधा असर फसल के उत्पादन पर पड़ेगा।

अधिकारियों से शिकायत, फिर भी नहीं सुधरी स्थिति

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के खंभे टूटने के बाद से ही वे विभागीय अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक खंभों को दोबारा लगाने की व्यवस्था नहीं हुई। ग्रामीणों ने यह आरोप भी लगाया है कि टूटे खंभों को लगवाने के नाम पर उनसे रुपये मांगे जा रहे हैं।

शनिवार को किसान अपनी समस्या लेकर जैतीपुर बिजली उपकेंद्र पहुंचे थे। हालांकि, वहां अवर अभियंता के मौजूद नहीं होने के कारण उन्हें बिना समाधान के ही वापस लौटना पड़ा।

सिंचाई बाधित, किसानों को फसल की चिंता

गांव के किसान हर्षित मिश्रा, बड़काई, बुधपाल, रामनिवास, भूराज सिंह, गुड्डू, नरवीर, सुभाष सिंह और कुंवरपाल ने बताया कि कृषि लाइन बंद होने से खेतों में पानी पहुंचाना मुश्किल हो गया है। गेहूं की बुवाई का समय करीब है, लेकिन बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने से खेती का काम प्रभावित हो रहा है।

किसानों को डर है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बुवाई पिछड़ सकती है और इसका नुकसान उन्हें फसल की पैदावार में उठाना पड़ सकता है।

जल्द खंभे लगवाने का मिला आश्वासन

मामले पर अभियंता अजीत कुमार ने कहा कि संबंधित स्थल का निरीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद टूटे हुए बिजली के खंभों को जल्द लगवाने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि कृषि बिजली लाइन की आपूर्ति फिर से शुरू हो सके।

अब किसानों को विभाग की ओर से किए गए इस आश्वासन पर अमल होने का इंतजार है।