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ज्ञानेश कुमार के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन, दीवारों पर लिखे गए ‘वोट चोर’...संविधान पर बड़ा प्रश्न?

National:  SIR को लेकर जारी राजनीतिक विरोध के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आवास तक प्रदर्शन पहुंच गया. रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने उनके आवास के गेट और दीवारों पर कालिख पोती और ‘वोट चोर’ जैसे नारे लिखे. इस दौरान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर विरोध जताया गया. घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं.
 
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National: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहा राजनीतिक विरोध अब उनके आवास तक पहुंच गया है। भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शनिवार रात दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के आधिकारिक आवास के बाहर प्रदर्शन किया और उनके इस्तीफे की मांग की।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आगरा आवास पर कालिख पोती, गद्दार बताकर  इस्तीफे की मांग - soot smeared at chief election commissioner gyanesh kumar  residence in agra vijay nagar

विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों की ओर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपत्तिजनक नारे भी लगाए गए।

आवास के गेट और दीवारों पर कालिख पोतने का दावा

सोमवार को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन के दौरान CEC के आवास के गेट और दीवारों पर कालिख पोती गई और ‘वोट चोर’ जैसे नारे लिखे गए। इस घटना ने SIR को लेकर जारी राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है।

हालांकि, इस घटना के अलग-अलग पहलुओं और इसमें शामिल लोगों को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

युवा कांग्रेस ने क्या कहा?

भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि संगठन चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही की मांग को लेकर अपना विरोध जारी रखेगा। इससे पहले भी युवा कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मामलों की जांच की मांग की थी।

युवा कांग्रेस ने चुनाव आयोग के भीतर SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर कथित आपत्तियों के सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की है।

SIR को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?

SIR को लेकर विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। विरोध की पृष्ठभूमि में द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में मतदाता पंजीकरण और मतदाता सूची से जुड़े कुछ फैसलों पर कई बार आपत्तियां दर्ज की थीं।

वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के बाद जारी किए गए थे। आयोग ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 में किए गए बदलावों का भी बचाव किया है।

कई राज्यों में हो चुके हैं प्रदर्शन

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हाल के दिनों में दिल्ली के अलावा बिहार, पंजाब, असम, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी प्रदर्शन हुए हैं। बिहार और चंडीगढ़ में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था, जबकि कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।

इस पूरे विवाद के बीच SIR, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।