दुर्गापूजा से पहले बंगाल में फिर बारिश के आसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम...मौसम विभाग की चेतावनी
Kolkata: दुर्गापूजा से पहले पश्चिम बंगाल में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे नए मौसम सिस्टम के कारण राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक म्यांमार के दक्षिणी तटीय इलाकों और उससे सटे क्षेत्र में बना सिस्टम धीरे-धीरे मजबूत हो सकता है और आने वाले दिनों में कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगर यह सिस्टम कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील होता है, तो इसके धीरे-धीरे उत्तर दिशा की ओर बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, फिलहाल पश्चिम बंगाल पर इसके सीधे और बड़े प्रभाव की संभावना कम बताई जा रही है।
बंगाल पर कितना होगा मौसम सिस्टम का असर?
मौसम के इस नए सिस्टम को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। IMD के अलीपुर क्षेत्रीय मौसम कार्यालय के अनुसार, मौजूदा सिस्टम का पश्चिम बंगाल पर सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना कम है। हालांकि, सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ राज्य के मौसम पर इसका कुछ असर देखने को मिल सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सिस्टम की दिशा और तीव्रता में बदलाव के आधार पर आगे बारिश का पूर्वानुमान भी बदल सकता है। ऐसे में दुर्गापूजा से पहले राज्य में मौसम पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
पिछले सप्ताह डीप डिप्रेशन से हुई थी भारी बारिश
इससे पहले पिछले सप्ताह बंगाल की खाड़ी के पश्चिमी-मध्य हिस्से में बने डीप डिप्रेशन के कारण पश्चिम बंगाल के दक्षिणी जिलों में भारी बारिश हुई थी। कोलकाता में भी लंबे समय तक बारिश का दौर चला था।
बाद में यह मौसम प्रणाली तट की ओर बढ़ी और आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट से टकराई। शनिवार के बाद इसका प्रभाव कमजोर पड़ने लगा, जिसके कारण पश्चिम बंगाल के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आई।
अब नए सिस्टम के बनने से एक बार फिर राज्य में बारिश की संभावना को लेकर निगाहें मौसम विभाग के अगले अपडेट पर टिकी हैं।
समुद्र में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर आंधी-तूफान की स्थिति के संकेत नहीं हैं। हालांकि, नए सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ मौसम में बदलाव संभव है।
म्यांमार के दक्षिणी तटीय इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में बना सिस्टम अंडमान सागर की ओर बढ़ा है। इसके प्रभाव से समुद्र के ऊपर 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मछुआरों के लिए 3 दिन की चेतावनी
फिलहाल सोमवार से बुधवार तक म्यांमार-बांग्लादेश तट के पास बंगाल की खाड़ी के पूर्वी-मध्य और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
हालांकि, पश्चिम बंगाल के तट के लिए फिलहाल किसी विशेष चेतावनी की घोषणा नहीं की गई है। मौसम विभाग सिस्टम की दिशा और इसकी तीव्रता पर लगातार नजर बनाए हुए है।
दुर्गापूजा से पहले बदल सकता है मौसम का मिजाज
पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा के दौरान बड़ी संख्या में लोग पंडाल घूमने और पूजा उत्सव में शामिल होने के लिए घरों से बाहर निकलते हैं। ऐसे में नए मौसम सिस्टम के कारण बारिश की संभावना ने आयोजकों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
हालांकि, फिलहाल राज्य पर किसी बड़े मौसम संकट का संकेत नहीं है। सिस्टम की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही बारिश की तीव्रता और इसके संभावित प्रभाव को लेकर तस्वीर साफ होगी। लोगों को सलाह है कि पूजा से पहले मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखें।







