यूपी में एक महीने चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, 4.19 करोड़ परिवारों तक पहुंचेगा सेवा का संदेश; जानें 12 बड़े कार्यक्रम
UP News: उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू होने जा रहा है। एक महीने तक चलने वाला यह राज्यव्यापी अभियान 17 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान के दौरान सेवा, सुशासन, जनकल्याण और विकास से जुड़े कार्यक्रम गांव से लेकर शहर तक आयोजित किए जाएंगे। सरकार के मुताबिक, अभियान के जरिए 4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभ लेने वाले लोगों की सफलता की कहानियों को भी सामने लाया जाएगा। इसके लिए लाभार्थियों का त्रिस्तरीय डेटा बैंक तैयार करने की योजना है। ग्रामीण क्षेत्र के 3.51 करोड़ परिवार और 13.01 करोड़ लाभार्थी, जबकि शहरी क्षेत्र के 68 लाख परिवार और 2.73 करोड़ लाभार्थी इसमें शामिल होंगे।
12 प्रमुख कार्यक्रमों के जरिए चलेगा अभियान
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत कुल 12 प्रमुख कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इनमें ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘मेरे सपनों का भारत: चित्र सेवा’, ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ शामिल हैं।
17 सितंबर को दीप प्रज्वलन से होगी शुरुआत
अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। शाम 7 बजे घरों और प्रतिष्ठानों में दीप प्रज्वलित करने का आह्वान किया जाएगा। इसी दिन अस्पतालों में फल वितरण, रक्तदान शिविर और विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर टूल किट वितरण जैसे कार्यक्रम भी होंगे।
चयनित विकास और अवस्थापना परियोजना स्थलों पर भी दीप प्रज्वलन किया जाएगा।
स्कूल-कॉलेजों में होंगी प्रतियोगिताएं
‘मेरे सपनों का भारत: चित्र सेवा’ कार्यक्रम के तहत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी।
कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता, जबकि कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता होगी। उच्च शिक्षण संस्थानों में चित्रकला, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
जिला स्तर की प्रदर्शनी के बाद 7 अक्टूबर को राज्य स्तरीय प्रदर्शनी होगी। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री के डिजिटल हस्ताक्षर वाले प्रमाण-पत्र और पुरस्कार दिए जाने की योजना है।
नुक्कड़ नाटक और रील के जरिए पहुंचेगी योजनाओं की जानकारी
‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ कार्यक्रम के तहत हर जिले में 18 से 20 कलाकारों की सांस्कृतिक टोलियां बनाई जाएंगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सात कार्यक्रम होंगे। ग्राम पंचायतों, सामुदायिक केंद्रों, स्कूलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर 25 से 30 मिनट की प्रस्तुतियों के जरिए सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
वहीं ‘सेवा की कहानी’ डिजिटल और रील अभियान के तहत 25 लाख लाभार्थियों की सफलता की कहानियों पर 60 सेकंड की रील तैयार करने की योजना है। इनमें आवास, स्कूल, पंचायत भवन, पुस्तकालय, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इनलैंड पोर्ट, मेट्रो, आरआरटीएस और विश्वविद्यालयों से जुड़ी विकास परियोजनाओं को भी शामिल किया जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर होगा तीन दिवसीय कार्यक्रम
25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय उत्सव और संवाद आयोजित होंगे। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा कार्यकर्ताओं और उत्कृष्ट लाभार्थी माताओं को सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान पोषण, स्वास्थ्य और महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी देने के साथ हेल्दी बेबी शो, बच्चों को कॉमिक बुक, खिलौने, फल-मिठाई, अतिरिक्त पोषाहार और अन्य सामग्री का वितरण किया जाएगा।
7 अक्टूबर को सेवा ज्योति कलश यात्रा
7 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा-विकसित भारत का संकल्प’ कार्यक्रम आयोजित होगा। प्रमुख चौराहों पर सेवा कलश स्थापित किए जाएंगे। पैदल, साइकिल और बाइक रैलियों के जरिए लोग मुख्य आयोजन स्थलों तक पहुंचेंगे।
इसके साथ ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’ के तहत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश की 10 नदियों का जल लेकर 10 टोलियां काशी से वडनगर, गुजरात जाएंगी। रास्ते में चौपाल, जनसंवाद और विकास यात्रा से जुड़ी फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा।
25 तरह की सेवा गतिविधियों से जुड़ेंगे लोग
‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम में नागरिकों को 25 अलग-अलग सेवा गतिविधियों से जुड़ने का अवसर दिया जाएगा। इनमें रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जांच, गांव गोद लेना, योग-ध्यान, महिला स्वास्थ्य, शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग और वरिष्ठ नागरिकों की डिजिटल साक्षरता जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
इसके अलावा अंगदान, पोषण, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, फिट इंडिया, दिव्यांगजन सहयोग, मतदाता जागरूकता, वोकल फॉर लोकल और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता जैसे कार्यक्रम भी होंगे। प्रत्येक विधानसभा में कम से कम दो स्थलों के कायाकल्प का लक्ष्य रखा गया है।
‘सेवा सेतु’ शिविरों में एक जगह मिलेंगी कई सुविधाएं
‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत विकासखंड और नगरीय निकाय स्तर पर 5 से 7 दिन के बहुउद्देशीय शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में पात्र लोगों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ आवेदन, पात्रता सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया को एक ही जगह पूरा करने की व्यवस्था की जाएगी।
स्वास्थ्य मेले, विधानसभा स्तर पर दिव्यांग कल्याण शिविर और मतदाता पंजीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
युवाओं के लिए इनोवेशन चैलेंज
‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के तहत युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के इनोवेशन चैलेंज में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों में ओरिएंटेशन और मोटिवेशन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
17 अक्टूबर को होगा अभियान का समापन
एक महीने चलने वाले अभियान का समापन 17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ होगा। इस दौरान ग्राम प्रधान, सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा सेवा एवं सुशासन के 25 वर्षों के अवसर पर प्रधानमंत्री का सम्मान करने और विकसित भारत-2047 का संकल्प लेने की योजना है।
करीब 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों के संकल्प लेने और वंदे मातरम् के सामूहिक गायन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके अलावा ऐतिहासिक स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर विकास यात्रा से जुड़े लेजर शो तथा प्रमुख तीर्थस्थलों और शक्तिपीठों में महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान भी प्रस्तावित हैं।







