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Shahjahanpur RTI Action: CMO पर लगा जुर्माना! DM को रिकवरी के आदेश, जानें पूरा मामला

Shahjahanpur:  RTI मामलों में लापरवाही बरतना शाहजहांपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को भारी पड़ गया. सूचना उपलब्ध कराने में कथित देरी और लापरवाही के मामले में राज्य सूचना आयोग ने CMO पर जुर्माना लगाया है. आयोग ने जुर्माने की राशि की रिकवरी के लिए जिलाधिकारी (DM) को निर्देश दिए हैं.

 
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Shahjahanpur, UP:  उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराने के मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. विवेक कुमार मिश्रा पर कार्रवाई हुई है। उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए CMO पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

आयोग ने शाहजहांपुर के जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि जुर्माने की राशि CMO के वेतन से एकमुश्त कटौती कर वसूल की जाए। साथ ही, आयोग ने संबंधित आवेदक को मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।

RTI में मांगी थी विभागीय खर्च की जानकारी

यह मामला शाहजहांपुर निवासी गोपी सिंह चौहान की ओर से दाखिल RTI आवेदन से जुड़ा है। आवेदक ने 13 मई 2025 को जनसूचना अधिकारी के समक्ष आवेदन दाखिल कर 1 जनवरी 2020 से आवेदन की तारीख तक विभाग में खर्च की गई धनराशि से संबंधित जानकारी मांगी थी।

आवेदक का आरोप था कि निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बावजूद उन्हें मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। लंबे समय तक जवाब नहीं मिलने के बाद उन्होंने मामले को उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग के समक्ष रखा।

आयोग के नोटिस का भी नहीं आया अपेक्षित जवाब

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सूचना आयोग की ओर से CMO डॉ. विवेक कुमार मिश्रा को नोटिस जारी किए गए थे। आयोग ने संबंधित सूचना उपलब्ध कराने के साथ ही प्रकरण में अपना पक्ष और जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।

आयोग के अनुसार, अपेक्षित जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण मामले को गंभीरता से लिया गया। राज्य सूचना आयुक्त वीरेंद्र प्रताप सिंह ने मामले में RTI अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए CMO पर 25 हजार रुपये का दंड निर्धारित किया।

DM को वेतन से जुर्माने की रकम वसूलने का निर्देश

राज्य सूचना आयोग ने अपने आदेश में शाहजहांपुर के जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि डॉ. विवेक कुमार मिश्रा के वेतन से 25 हजार रुपये की एकमुश्त कटौती कर जुर्माने की राशि वसूल की जाए।

आदेश के मुताबिक, जब तक जुर्माने की रकम की वसूली पूरी नहीं हो जाती, तब तक नियमानुसार वेतन संबंधी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही आयोग ने RTI आवेदक को मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने के लिए भी समयसीमा निर्धारित की है।

यदि निर्धारित अवधि के भीतर सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तो मामले में आगे की कार्रवाई और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जा सकती है।

8 अक्टूबर को होगी मामले की अगली सुनवाई

इस मामले में आयोग ने अगली सुनवाई की तारीख 8 अक्टूबर 2026 निर्धारित की है। अगली सुनवाई में आयोग के निर्देशों के अनुपालन और अब तक की गई कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

वहीं, CMO डॉ. विवेक कुमार मिश्रा का कहना है कि उन्हें आयोग के आदेश की जानकारी मिल गई है और उनकी ओर से अपील की जा रही है।

फिलहाल इस मामले में अगली सुनवाई पर सभी की नजर है। आयोग के निर्देशों के अनुपालन और RTI आवेदक को सूचना उपलब्ध कराने की स्थिति पर भी सुनवाई के दौरान तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।