बिहार में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण पूरा, अंतिम सूची में 7.42 करोड़ वोटर शामिल
New Delhi: भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। आयोग ने मंगलवार को अंतिम निर्वाचक नामावली जारी कर दी, जिसमें लगभग 7.42 करोड़ मतदाता शामिल हैं।

इस प्रक्रिया की शुरुआत 24 जून 2025 को हुई थी और 30 सितम्बर तक इसे अंतिम रूप दे दिया गया। आयोग के अनुसार इस दौरान करीब 65 लाख नाम हटाए गए, जबकि 14 लाख से अधिक नए वोटर जोड़े गए।
क्या बदला इस बार?
• 24 जून तक मतदाताओं की कुल संख्या 7.89 करोड़ थी।
• ड्राफ्ट सूची में 65 लाख नाम हटाए गए और 7.24 करोड़ मतदाता बचे।
• दावा-आपत्ति की अवधि में करीब 21.5 लाख नए नाम जोड़े गए।
• 30 सितम्बर को प्रकाशित अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या बढ़कर लगभग 7.42 करोड़ हो गई।
सभी के लिए ऑनलाइन सुविधा
निर्वाचन आयोग ने जानकारी दी है कि कोई भी मतदाता https://voters.eci.gov.in पर जाकर अपना नाम और विवरण देख सकता है। इसके अलावा मतदाता सूची की प्रतियां राजनीतिक दलों के साथ भी साझा की गई हैं।
इतने लोगों ने निभाई भूमिका
इस बड़े अभ्यास में बिहार के 38 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी (DEOs), 243 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (EROs), 2,976 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AEROs), लगभग एक लाख बूथ स्तर अधिकारी (BLOs) और लाखों स्वयंसेवकों ने काम किया। साथ ही 12 से अधिक प्रमुख राजनीतिक दलों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
आयोग का नारा
आयोग ने इस अभ्यास को संविधान के अनुच्छेद 326 और अपने नारे “कोई भी योग्य मतदाता बाहर न रह जाए और कोई भी अयोग्य व्यक्ति सूची में शामिल न हो” के तहत अंजाम दिया।
अभी भी जोड़ा जा सकता है नाम
अगर कोई योग्य मतदाता अब भी सूची में शामिल नहीं हो पाया है, तो वह नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक आवेदन कर सकता है। वहीं, यदि किसी को सूची से संबंधित निर्णय पर आपत्ति है तो वह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24 के तहत अपील कर सकता है।







