कोलकाता के दुर्गा पंडाल में भगदड़, 17 लोगों की मौत, 40 से ज्यादा घायल
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शनिवार रात एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है। चोरबागान के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में 13 महिलाएं, 3 पुरुष और एक बच्चा शामिल है।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। आशंका जताई जा रही है कि घायलों की संख्या और बढ़ सकती है।
चश्मदीदों के मुताबिक, दुर्गा पूजा पंडाल का एक हिस्सा ढहने के बाद वहां भगदड़ मच गई। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
इस बीच, पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रभावित लोगों और उनके परिजनों की मदद के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया है।
फिलहाल, हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तथा घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
घटना के समय बाहर तेज बारिश हो रही थी. बारिश के बीच पंडाल में लोगों की भीड़ बढ़ गई. इससे वहां अफरा-तफरी मच गई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पंडाल का ढांचा टूटने से भी हादसा हुआ हो सकता है. घटना की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, मुख्यसचिव मनोज अग्रवाल और स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखर्जी घायलों का हालचाल जानने और स्थिति का जायजा लेने तुरंत कलकत्ता मेडिकल कॉलेज पहुंचे.
सुरक्षा के मद्देनजर कोलकाता पुलिस ने फिलहाल चोरबागान सर्वजनीन पंडाल में आम लोगों के प्रवेश को रोक दिया है. पंडाल में प्रतिमा के दर्शन बंद कर दिए गए. पंडाल की रोशनी भी बुझा दी गई और बाहर निकलने के रास्ते बंद कर दिए गए. घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने पर ध्यान दिया जा रहा है. पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर राहत कार्य में जुटी हैं.
पूजा आयोजक विकास दास ने कहा कि अभी यह पता नहीं चला है कि हादसा किस वजह से हुआ. उनकी पहली प्राथमिकता घायलों को अस्पताल पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि भीड़ के दबाव में लोग कुचल गए या किसी दूसरी वजह से भगदड़ मची, यह अभी स्पष्ट नहीं है. उनके मुताबिक, घटनास्थल पर पुलिस और दमकलकर्मी भी पहुंचे हैं.
गौरतलब है कि चोरबगान सार्वजनिन दुर्गोत्सव समिति ने इस वर्ष अपने पूजा पंडाल की थीम ‘आर्ब’ रखी है, जिसका अंग्रेजी भावार्थ ‘ध्वनि से परे’ है. इस अवधारणा के जरिए ध्वनि की परिचित सीमाओं से आगे बढ़कर मौन की गहराई को दर्शाने का प्रयास किया गया है. पंडाल को 360 डिग्री की अवधारणा के आधार पर तैयार किया गया है.







