शुभेंदु अधिकारी का बड़ा फैसला, वन विभाग के कर्मचारियों की सैलरी में बंपर बढ़ोतरी
Kolkata: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने वन विभाग के कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणा की है। दुर्गा पूजा के महीने से वनकर्मियों को बढ़ा हुआ वेतन मिलने की बात कही गई है। सरकार के इस फैसले से रेंजर, बीट ऑफिसर, वन रक्षक और वन सहायक समेत कई कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, रेंजरों के वेतन में 5,000 रुपये, बीट ऑफिसरों के वेतन में 5,000 रुपये और वन रक्षकों के वेतन में भी 5,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, वन सहायकों के वेतन में 2,000 रुपये की वृद्धि होगी। बढ़ी हुई राशि कर्मचारियों के खातों में जमा की जाएगी।
वन विभाग को मजबूत करने पर जोर
शुभेंदु अधिकारी ने वन विभाग को मजबूत करने और कर्मचारियों की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया है। इससे पहले वन विभाग में खाली पदों को भरने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। सरकार ने वनकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया को पश्चिम बंगाल पुलिस रिक्रूटमेंट बोर्ड के माध्यम से कराने की बात कही थी।
मुख्यमंत्री ने वन अपराधों, अवैध पेड़ कटाई और लकड़ी की तस्करी पर सख्ती बरतने के निर्देश भी दिए हैं। उनका कहना है कि वन विभाग और पुलिस को मिलकर अवैध गतिविधियों पर रोक लगानी होगी।
बंगाल में लगाए जाएंगे 10 करोड़ पौधे
शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में बड़े पैमाने पर पौधारोपण का लक्ष्य भी रखा है। उन्होंने इस साल पश्चिम बंगाल में 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य घोषित किया है। इसके लिए पंचायतों, नगरपालिकाओं, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की भागीदारी पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के 26 करोड़ पौधारोपण के लक्ष्य का उदाहरण देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल भी अपनी क्षमता के अनुसार बड़े स्तर पर पौधारोपण कर सकता है। उन्होंने केवल पौधे लगाने के बजाय उनकी देखभाल और संरक्षण को भी जरूरी बताया है।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को बढ़ावा
पश्चिम बंगाल में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत लोगों से अपनी मां के नाम पर पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने की अपील की गई है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ भावनात्मक जुड़ाव को भी बढ़ावा देता है। पश्चिम बंगाल सरकार ने भी इस अभियान को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की बात कही है।
पौधों की देखभाल पर भी रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि केवल पौधारोपण का आंकड़ा बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। लगाए गए पौधों का लंबे समय तक संरक्षण जरूरी है। उन्होंने कम से कम दो से तीन साल तक पौधों की निगरानी और देखभाल पर जोर दिया है।
इस तरह वनकर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी और बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान को पश्चिम बंगाल सरकार की पर्यावरण और वन विभाग को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल के तौर पर देखा जा रहा है।







