साल का पहला चंद्र ग्रहण आज, जानें सूतक काल कब से लगेगा और पटना, गया, मुजफ्फरपुर में दिखने का समय
Chandra Grahan 2026: आज साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है. हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को सिर्फ खगोलीय घटना नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है. इस दौरान चंद्रमा का रंग हल्का लाल या तांबे जैसा दिखाई देता है, इसलिए इसे 'ब्लड मून' भी कहा जाता है.

पंचांग के अनुसार, यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है. भारतीय समय के अनुसार ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा, लेकिन उस समय भारत में चंद्रमा दिखाई नहीं देगा. भारत में चंद्रमा का उदय शाम लगभग 6:26 से 6:32 बजे के बीच होगा और उसी समय ग्रहण का अंतिम चरण चल रहा होगा. ग्रहण करीब 6:46 से 6:47 बजे के बीच समाप्त हो जाएगा. यानी भारत में यह चंद्र ग्रहण केवल 15 से 20 मिनट के लिए ही दिखाई देगा.
धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्र ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों और व्यक्तियों पर पड़ता है. ग्रहण के समय मंत्र जाप और भगवान का स्मरण करना शुभ माना जाता है, जबकि खाना बनाना, भोजन करना और शुभ कार्य शुरू करना वर्जित बताया गया है. ग्रहण से पहले सूतक काल भी लगता है, जिसे अशुभ समय माना जाता है. सूतक काल में विशेष सावधानी बरतने और भगवान का नाम लेने की सलाह दी जाती है.
आइए जानते हैं सूतक काल कब से शुरू होगा, ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें और ग्रहण के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
सूतक काल क्या होता है?
हिंदू धर्म में सूतक उस अवधि को कहा जाता है जो ग्रहण शुरू होने से कुछ घंटे पहले लगती है और ग्रहण समाप्त होने तक रहती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह समय सामान्य दिनों की तुलना में संवेदनशील माना जाता है, इसलिए इस दौरान कुछ नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है.
ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक यह चंद्रग्रहण दोपहर लगभग 3:19-3:20 बजे से शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा. यानी करीब साढ़े तीन घंटे तक ग्रहण का प्रभाव देखने को मिलेगा. ऐसे में सूतक काल ग्रहण शुरू होने से लगभग 9 घंटे पहले यानी सुबह करीब 6:20 बजे से मान्य माना जाएगा.
पटना में कब दिखेगा चंद्रग्रहण
पटना में 3 मार्च 2026 को लगने वाला चंद्रग्रहण शाम को दिखाई देगा. चंद्रमा का उदय लगभग शाम 6:05 बजे के आसपास होगा, और तभी ग्रहण का दृश्य स्पष्ट रूप से नज़र आएगा. ग्रहण का मुख्य समय लगभग 6:05 बजे से 6:46 बजे तक रहेगा, जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर दिखाई देगी. इसका मतलब यह है कि चंद्र उदय के साथ ही ग्रहण का अंतिम चरण देखा जाएगा, क्योंकि ग्रहण का पूर्णतम भाग पहले ही हो चुका होगा. मौसम साफ रहने पर पटना समेत आसपास के इलाकों में चांद के रंग और पृथ्वी की छाया का नजारा सुंदर तरीके से देखा जा सकता है.

कितने बजे दिखाई देगा रेड मून
चंद्रग्रहण में सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आने की वजह से चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ती है. ऐसे में चंद्रमा पर घेरा नजर आता है. इसे रेड मून भी कहा जाता है. इसकी टाइमिंग की बात करें, तो चन्द्रोदय- 06:26PM (शहर के अनुसार परिवर्तन), उपच्छाया से पहला स्पर्श – 02:16 PM, प्रच्छाया से पहला स्पर्श – 03:21PM, खग्रास प्रारम्भ – 04:35PM, परमग्रास चन्द्र ग्रहण – 05:04PM, खग्रास समाप्त – 05:33PM, प्रच्छाया से अंतिम स्पर्श – 06:46PM, उपच्छाया से अंतिम स्पर्श – 07:52PM.
सूतक की गणना ग्रहण के प्रकार पर निर्भर करती है. यदि चंद्र ग्रहण है, तो सूतक ग्रहण शुरू होने से ठीक 9 घंटे पहले लग जाता है. वहीं, सूर्य ग्रहण के मामले में यह अवधि 12 घंटे पहले से मानी जाती है. यानी अगर चंद्र ग्रहण शाम 6 बजे शुरू हो रहा है, तो सूतक सुबह 9 बजे से प्रभावी माना जाएगा. जैसे ही ग्रहण समाप्त होता है, सूतक भी स्वतः खत्म हो जाता है.
आज यानी 3 मार्च को सुबह 6:23 बजे से सूतक काल शुरू हो चुका है. सूतक काल के दौरान सभी मंगलकारी कार्य वर्जित हो जाते हैं और मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाएंगे. इसके अलावा कुछ अन्य काम भी नहीं करने की सलाह दी जाती है. जैसे-
सूतक काल में भोजन बनाना, खाना, पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ, नए कार्य की शुरुआत या बड़े निवेश वगैरह करने से बचना चाहिए. इस समय नुकीली वस्तुओं जैसे चाकू, कैंची वगैरह का भी उपयोग नहीं करना चाहिए. ग्रहण के दौरान तेल नहीं लगाना चाहिए. बाल और नाखून काटने से भी बचना चाहिए.







