अस्पताल जाने का झंझट खत्म! अब मोबाइल पर मिलेगी सरकारी अस्पताल की जांच रिपोर्ट
Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को और आसान बनाने की तैयारी है। अब मरीजों को जांच रिपोर्ट लेने के लिए बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकारी अस्पतालों की लैब रिपोर्ट मरीजों के मोबाइल तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत जांच रिपोर्ट को आरोग्यसेतु ऐप पर उपलब्ध कराने की तैयारी है।

इस व्यवस्था के लागू होने के बाद मरीज अपनी जांच रिपोर्ट को डिजिटल रिकॉर्ड के तौर पर सुरक्षित रख सकेंगे। जरूरत पड़ने पर रिपोर्ट को डॉक्टर या अन्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ साझा भी किया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग पहले से ही डिजिटल माध्यम से लैब रिपोर्ट और परिणाम उपलब्ध कराने की व्यवस्था संचालित कर रहा है।
900 से अधिक सरकारी अस्पताल डिजिटल सिस्टम से जुड़े
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 900 से अधिक सरकारी अस्पतालों में लैबोरेटरी इंफॉरमेशन सिस्टम (LIS) को हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉरमेशन सिस्टम (HMIS) से जोड़ा जा चुका है। इसके जरिए जांच के बाद रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिला है।
इस व्यवस्था से मरीजों को रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए अस्पताल के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत कम हो रही है। वहीं डॉक्टरों को भी मरीज की जांच रिपोर्ट समय पर उपलब्ध हो रही है, जिससे इलाज की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।
उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बड़ी संख्या में लैब जांच की जा रही हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में करोड़ों लैब परीक्षण दर्ज किए गए।
WhatsApp और SMS के जरिए भी भेजी जा रही रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डिजिटल व्यवस्था के तहत मरीजों को लैब रिपोर्ट की जानकारी WhatsApp और SMS के माध्यम से भी उपलब्ध कराई जा रही है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, अब तक करीब 58.07 लाख लैब रिपोर्ट के मैसेज WhatsApp पर भेजे गए, जबकि करीब 37.66 लाख रिपोर्ट WhatsApp के माध्यम से उपलब्ध कराई गईं।
इसी तरह करीब 46.50 लाख SMS भेजे गए, जिनके जरिए लगभग 31.40 लाख मरीजों को लैब रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई।
बार-बार रजिस्ट्रेशन की जरूरत भी होगी कम
LIS और HMIS के एकीकरण से मरीजों को लैब जांच के लिए बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत भी कम हो रही है। जांच के नतीजे सीधे HMIS पोर्टल पर उपलब्ध होने से डॉक्टरों को रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ता।
इससे जांच के नतीजों के आधार पर इलाज की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। साथ ही अस्पतालों में मैनुअल रिकॉर्ड और दोहरी डाटा एंट्री पर निर्भरता भी कम करने की दिशा में काम हो रहा है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत पहल
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की सचिव रितु माहेश्वरी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने के लिए कई पहल की गई हैं। ABDM का उद्देश्य स्वास्थ्य संबंधी डिजिटल रिकॉर्ड और सेवाओं को अधिक व्यवस्थित एवं उपयोगी बनाना है।
इसी क्रम में जांच रिपोर्ट को आरोग्यसेतु ऐप पर उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इससे मरीज अपनी रिपोर्ट को इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रख सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर इसे संबंधित स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ साझा कर सकेंगे।
मरीजों को क्या फायदा होगा?
- जांच रिपोर्ट के लिए अस्पताल जाने की जरूरत कम होगी।
- रिपोर्ट मोबाइल पर डिजिटल रूप में उपलब्ध हो सकेगी।
- पुरानी जांच रिपोर्ट को सुरक्षित रखना आसान होगा।
- जरूरत पड़ने पर रिपोर्ट डॉक्टर के साथ साझा की जा सकेगी।
- LIS और HMIS के एकीकरण से अस्पतालों में डेटा प्रबंधन आसान होगा।
- मैनुअल और दोहरी डाटा एंट्री पर निर्भरता कम होगी।
इस पहल से उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों की जांच और रिपोर्टिंग व्यवस्था को और अधिक डिजिटल बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ेगा।







