पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में संदिग्ध घुसपैठियों का आंकड़ा बढ़ा, होल्डिंग सेंटरों पर बढ़ रहा दबाव
Cooch Behar (West Bengal): पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिले कूचबिहार में स्थित होल्डिंग सेंटरों में संदिग्ध घुसपैठियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इससे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है. सीमा पार से अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोप में पकड़े गए लोगों को इन सेंटरों में रखा जा रहा है, जहां उनकी पहचान और नागरिकता से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाती है.
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सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय में सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाए जाने के बाद ऐसे लोगों की धरपकड़ में वृद्धि हुई है. इसके चलते होल्डिंग सेंटरों में रहने वालों की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है.
दिनहाटा होल्डिंग सेंटर में घुसपैठ के शक में चार लोगों को रखा गया है, जबकि रविवार को चांगराबांधा होल्डिंग सेंटर में दस लोगों को रखा गया. सूत्रों के मुताबिक ये सभी लोग बांग्लादेश सीमा से गैर-कानूनी तरीके से भारत में दाखिल हुए थे. इसके बाद प्रशासन उन्हें बांग्लादेश वापस भेजने के बारे में फैसला करेगा.
हालांकि न तो पुलिस और न ही प्रशासनिक अधिकारी उनकी पहचान, आने की तारीख या देश में घुसने के लिए इस्तेमाल किए गए खास बॉर्डर पॉइंट्स के बारे में जानकारी देने को तैयार थे. कूचबिहार जिला पुलिस के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, 'दो होल्डिंग सेंटर खोले गए हैं- एक दिनहाटा में और दूसरा चांगराबांधा में. उन्हें वहां कड़ी सुरक्षा में रखा जा रहा है. जरूरत पड़ने पर जिले में और भी होल्डिंग सेंटर खोले जाएंगे.'
दिनहाटा नगरपालिका की चेयरपर्सन अपर्णा डे नंदी ने कहा, 'मैंने सुना है कि होल्डिंग सेंटर में चार लोग हैं. हमारे पास इससे ज़्यादा जानकारी नहीं है. सारी जानकारी पुलिस प्रशासन के पास है.' चांगराबांधा ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के सदस्य बिमल गुप्ता ने कहा, 'यह असल में अच्छी बात है. एसोसिएशन की बिल्डिंग का सही इस्तेमाल हो रहा है. प्रशासन उन्हें हमेशा के लिए नहीं रखेगा. मौजूदा मसला हल होने के बाद उन्हें छोड़ दिया जाएगा.'
कूचबिहार बांग्लादेश की सीमा से लगा हुआ एक जिला है और इस पड़ोसी देश के साथ इसकी सीमा लगभग 500 किलोमीटर लंबी है. इस सीमा के 100 किलोमीटर के हिस्से में नदियों और जमीन से जुड़ी दिक्कतों के कारण कंटीले तारों की बाड़ नहीं लगी है. आरोप है कि बाड़ न होने की वजह से न सिर्फ तस्करी बढ़ी है, बल्कि इन इलाकों से घुसपैठ की घटनाएं भी हुई है.
आरोप है कि कई बांग्लादेशी नागरिक बिना सुरक्षा वाली इस सीमा से गैर-कानूनी तरीके से भारत में दाखिल हुए हैं और दिल्ली व हरियाणा जैसे दूसरे राज्यों में चले गए हैं. वहां लंबे समय तक रहने के बाद, कुछ लोगों ने आधार या वोटर आईडी कार्ड भी बनवा लिए हैं. अब तक ऐसे घुसपैठियों और गैर-कानूनी निवासियों को पकड़े जाने पर जेल भेज दिया जाता था. सिर्फ पिछले साल ही कूचबिहार जिले में सौ से ज़्यादा गैर-कानूनी घुसपैठियों को पकड़ा गया. इन घुसपैठियों के लिए सीमावर्ती जिलों के साथ-साथ राज्य के कई अन्य जिलों में भी होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं.
इसी तरह दिनहाटा नगरपालिका के कम्युनिटी हॉल और चांगराबांधा ट्रक टर्मिनस बिल्डिंग में होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं. सुरक्षा के लिए इन सेंटरों में कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. प्रशासन ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है. इसलिए इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि ये घुसपैठिए देश में कैसे घुसे या पकड़े जाने से पहले कहां रह रहे थे. साथ ही इस बारे में भी कोई खास जानकारी नहीं है कि सेंटरों में रखे गए इन लोगों को वापस कैसे या कब भेजा जाएगा.
सुरक्षा एजेंसियां पकड़े गए लोगों की पहचान, नागरिकता और सीमा पार करने के कारणों की जांच कर रही हैं. संबंधित अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है और सत्यापन के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस बीच, बढ़ती संख्या के कारण होल्डिंग सेंटरों की क्षमता और व्यवस्थाओं पर भी दबाव बढ़ने लगा है. प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण कूचबिहार लंबे समय से सुरक्षा और घुसपैठ से जुड़े मुद्दों के केंद्र में रहा है. ऐसे में संदिग्ध घुसपैठियों की बढ़ती संख्या ने एक बार फिर सीमा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है. अधिकारियों ने कहा है कि सीमा पर निगरानी और गश्त को और मजबूत किया गया है तथा किसी भी अवैध गतिविधि को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं. मामले की जांच जारी है.







