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TMC Symbol Row: ‘जोड़ा फूल’ किसका? EC ने फिर मांगे दस्तावेज, 17 सितंबर को सुनवाई संभव

Kolkata: तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न ‘जोड़ा फूल’ पर चल रहे विवाद में चुनाव आयोग ने दोनों गुटों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं. आयोग ने 16 सितंबर तक दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया है. इसके बाद 17 सितंबर को सुनवाई संभव है. फिलहाल आयोग ने कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया है.
 
KOLKATA

Kolkata: तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर नियंत्रण और पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर दो खेमों के बीच चल रहे विवाद में चुनाव आयोग ने औपचारिक सुनवाई शुरू कर दी है। पहली सुनवाई के बाद आयोग ने दोनों पक्षों से अतिरिक्त दस्तावेज और लिखित जवाब मांगा है। आयोग ने दोनों खेमों को 16 सितंबर की दोपहर 3 बजे तक संबंधित दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया है।

TMC विवाद: आयोग ने मांगे और दस्तावेज, 17 को सुनवाई संभव

आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि दस्तावेजों की जांच के बाद यदि जरूरत महसूस हुई, तो 17 सितंबर को दोनों पक्षों को दोबारा सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है। ऐसे में अब दोनों गुटों की नजर चुनाव आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

पहली सुनवाई में दोनों पक्षों ने रखा अपना पक्ष

गत शनिवार को नई दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के समक्ष इस मामले की पहली सुनवाई हुई। दोनों खेमों ने आयोग के सामने अपने-अपने दावे और पक्ष रखे। इस दौरान कुछ अतिरिक्त दस्तावेज भी जमा किए गए।

इन दस्तावेजों की समीक्षा के बाद चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से संबंधित मामलों पर लिखित जवाब मांगा है। आयोग के निर्देश के अनुसार दस्तावेज ई-मेल या डाक के जरिए भी भेजे जा सकते हैं। इसके अलावा दोनों पक्षों को अपने प्रतिनिधियों के नाम भी आयोग के पास भेजने का विकल्प दिया गया है।

TMC के नाम और ‘घास व जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न पर नजर

इस पूरे विवाद में सबसे अहम सवाल तृणमूल कांग्रेस के पार्टी नाम और ‘घास व जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न को लेकर है। चुनाव आयोग दोनों पक्षों की ओर से पेश किए गए दावों, दस्तावेजों और लिखित जवाबों की जांच के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगा।

अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि आयोग पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर किस खेमे के दावे को स्वीकार करता है। एक संभावना यह भी है कि विवाद का अंतिम समाधान होने तक चुनाव चिह्न को फ्रीज करने जैसे कदम पर विचार किया जाए।

16 सितंबर तक दस्तावेज भेजेंगे रीतब्रत बनर्जी

विधानसभा में विपक्ष के नेता रीतब्रत बनर्जी ने कहा है कि उनके खेमे की ओर से आयोग द्वारा मांगे गए दस्तावेज 16 सितंबर तक जमा कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि दस्तावेजों की जांच के बाद आयोग को 17 सितंबर को सुनवाई की जरूरत महसूस हुई, तो बुलाए जाने पर वह उपस्थित होंगे।

रीतब्रत बनर्जी ने यह भी स्पष्ट किया कि आयोग के पत्र में ‘इफ रिक्वायर्ड’ यानी जरूरत पड़ने पर दोबारा सुनवाई की बात कही गई है। उनके अनुसार इसी बिंदु को लेकर कुछ गलतफहमी पैदा हुई थी।

कुणाल घोष ने टिप्पणी से किया इनकार

दूसरी ओर, तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने चुनाव चिह्न विवाद पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मामला फिलहाल चुनाव आयोग के विचाराधीन है और पार्टी की शीर्ष नेता ममता बनर्जी तथा अधिवक्ता कल्याण बनर्जी इस मामले को देख रहे हैं।

नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव से पहले बढ़ी अहमियत

TMC के चुनाव चिह्न को लेकर चल रहा यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। दोनों खेमे इन चुनावों की तैयारियों में जुटे हुए हैं।

वहीं, उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर है। ऐसे में चुनाव आयोग की ओर से पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर लिया जाने वाला फैसला दोनों खेमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फिलहाल आयोग ने दोनों पक्षों से अतिरिक्त दस्तावेज और लिखित जवाब मांगा है। अब 16 सितंबर तक दस्तावेज जमा होने के बाद आयोग की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी। जरूरत पड़ने पर 17 सितंबर को फिर सुनवाई हो सकती है।