पारंपरिक हुनर को मिलेगा बाजार और नई पहचान, ‘श्री अन्न कला बोर्ड’ के गठन पर योगी सरकार का मंथन
UP News: उत्तर प्रदेश में पारंपरिक हुनर और छोटे व्यवसायों से जुड़े पिछड़े वर्ग के लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार ने पहल तेज कर दी है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की मासिक बैठक में भुर्जी, भोजवाल और भड़भूजा समाज के पारंपरिक कारीगरों के लिए ‘श्री अन्न कला बोर्ड’ गठित करने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रस्ताव का उद्देश्य पारंपरिक अनाज भूनने के काम से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक, आसान ऋण, सब्सिडी और बाजार उपलब्ध कराकर उनके व्यवसाय को नई दिशा देना है।
लखनऊ स्थित आयोग कार्यालय में हुई बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने की। बैठक में पिछड़ा वर्ग के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा के साथ पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर भी चर्चा की गई।
पारंपरिक कारोबार को मिलेगा आधुनिक सहारा
श्री अन्न कला बोर्ड के गठन की परिकल्पना पारंपरिक हुनर को संस्थागत पहचान देने से जुड़ी है। इसके जरिए भुर्जी, भोजवाल और भड़भूजा समाज के कारीगरों को उनके पारंपरिक व्यवसाय के साथ आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीक से जोड़ने की दिशा में काम किया जा सकता है।
प्रस्ताव में कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण, आसान ऋण, सब्सिडी और उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इससे पारंपरिक व्यवसाय को नई तकनीक और कारोबारी अवसरों से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ओडीओपी की तर्ज पर स्थानीय हुनर को बढ़ावा
श्री अन्न कला बोर्ड की परिकल्पना को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) जैसी पहलों से जोड़कर देखा जा रहा है। उद्देश्य यह है कि स्थानीय स्तर पर पीढ़ियों से चले आ रहे हुनर को सिर्फ रोजगार का साधन न मानकर उसे बाजार और ब्रांडिंग से जोड़कर आर्थिक गतिविधि का माध्यम बनाया जाए।
विश्वकर्मा कल्याण बोर्ड को लेकर चार राज्यों से जुटेगी जानकारी
बैठक में विश्वकर्मा समाज से जुड़े एक अन्य प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। विश्वकर्मा कल्याण आयोग/विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के गठन को लेकर मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और हरियाणा से जानकारी जुटाने का निर्णय लिया गया है। आयोग के सचिव को संबंधित राज्यों से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर भी जोर
आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित शिकायतों का तेजी से निस्तारण कराया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और इसके लिए आधुनिक तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया।
बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल, उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली समेत आयोग के सदस्य मौजूद रहे। सरकार की इस पहल से पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों के लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार तक पहुंच के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।







