UP MLC चुनाव के नतीजे: कहीं बीजेपी की जीत, तो कहीं समाजवादी पार्टी का दबदबा
UP MLC Result: उत्तर प्रदेश में 11 विधान परिषद सीटों के चुनाव परिणामों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इन नतीजों को बीजेपी और समाजवादी पार्टी के लिए अहम राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। मतगणना के दौरान कुछ सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं, तो कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के लाल बिहारी यादव ने अपनी जीत का दावा किया है।

इन 11 सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। क्षेत्रीय समीकरणों के लिहाज से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पांच, लखनऊ क्षेत्र की दो, बुंदेलखंड की एक और पूर्वांचल की तीन सीटें अहम मानी जा रही हैं।
गोरखपुर-फैजाबाद में बीजेपी प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी आगे
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना के चौथे राउंड तक बीजेपी प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी ने बढ़त बनाई हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ध्रुव त्रिपाठी को प्रथम वरीयता के 11,881 वोट मिले हैं, जबकि सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी को 8,301 वोट प्राप्त हुए हैं।
इस सीट पर अजीत कुमार सिंह को 4,406 और अजय सिंह को 2,503 वोट मिले हैं। चौथे राउंड तक कुल 40,811 वैध मतों की गिनती हुई, जबकि 2,800 मत अवैध पाए गए। मतगणना के दौरान सपा प्रत्याशी और निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव ने कुछ समय के लिए हंगामा किया। बाद में स्थिति सामान्य होने पर दूसरी वरीयता के मतों की गिनती शुरू की गई।
झांसी में सपा के मान सिंह यादव ने बनाई बढ़त
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. मान सिंह यादव बीजेपी उम्मीदवार अशोक कुमार राठौर से आगे चल रहे हैं।
चौथे चक्र तक के आंकड़ों के मुताबिक, मान सिंह यादव को 19,454 वोट मिले हैं, जबकि अशोक कुमार राठौर के खाते में 15,203 वोट आए हैं। इस तरह सपा प्रत्याशी 4,251 मतों से आगे हैं। वहीं, शिवशंकर पटेल को 2,335 वोट मिले हैं।
इस निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना जारी है। अंतिम परिणाम आने तक मुकाबले की स्थिति पर राजनीतिक दलों और समर्थकों की नजर बनी हुई है।
वाराणसी में लाल बिहारी यादव ने किया जीत का दावा
वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने अपनी जीत का दावा किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रथम वरीयता के मतों में वह बीजेपी प्रत्याशी प्रमोद मिश्रा से करीब 5,000 वोटों से आगे बताए गए हैं। जीत के लिए आवश्यक दूसरी वरीयता के मतों को लेकर भी स्थिति उनके पक्ष में होने का दावा किया गया है।
मतगणना स्थल से बाहर आने पर समर्थकों ने लाल बिहारी यादव का स्वागत किया। हालांकि, अंतिम आधिकारिक परिणाम और निर्वाचन अधिकारी की घोषणा को ही जीत की पुष्टि माना जाएगा।
2027 से पहले बीजेपी और सपा के लिए अहम परीक्षा
उत्तर प्रदेश की इन 11 एमएलसी सीटों के नतीजों को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की रणनीति और संगठनात्मक ताकत के आकलन के रूप में देखा जा रहा है। बीजेपी के लिए यह 'मिशन 2027' की तैयारियों का अहम पड़ाव है, जबकि समाजवादी पार्टी अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण की प्रभावशीलता साबित करने की कोशिश में है।
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं का रुझान दोनों दलों के लिए राजनीतिक संकेत दे सकता है। हालांकि, इन चुनावों के परिणामों को सीधे विधानसभा चुनाव का नतीजा मानना उचित नहीं होगा, क्योंकि दोनों चुनावों के मतदाता वर्ग और राजनीतिक समीकरण अलग-अलग हैं।
फिलहाल, गोरखपुर-फैजाबाद में बीजेपी और झांसी में सपा की बढ़त के बीच वाराणसी से लाल बिहारी यादव के जीत के दावे ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। सभी सीटों के अंतिम नतीजों पर अब राजनीतिक दलों की नजर टिकी है।







