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Up News: मिशन-2027 का बिगुल- अयोध्या से चुनावी अभियान शुरू करेगी बसपा, जून में दो बड़ी रैलियों की तैयारी

 
मिशन-2027 का बिगुल: अयोध्या से चुनावी अभियान शुरू करेगी बसपा, जून में दो बड़ी रैलियों की तैयारी
Up News: आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर मायावती की बहुजन समाज पार्टी ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब पूरी तरह ‘मिशन-2027’ के मोड में नजर आ रही है और इसी रणनीति के तहत जून महीने में दो बड़ी जनसभाओं के जरिए चुनावी माहौल बनाने की तैयारी कर रही है।

बसपा ने अपने अभियान की शुरुआत अयोध्या क्षेत्र से करने का फैसला किया है। पार्टी 22 जून को अयोध्या और 23 जून को अकबरपुर (अंबेडकरनगर) में विशाल जनसभाएं आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए संगठन के प्रदेश और केंद्रीय स्तर के नेताओं को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।

प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल के हाथ में कमान

इन दोनों रैलियों की अगुवाई बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल करेंगे। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अयोध्या और अकबरपुर क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ का लाभ संगठन को मिलेगा। रैलियों में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल होकर कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करेंगे।

सोशल इंजीनियरिंग पर रहेगा फोकस

बसपा इन जनसभाओं के जरिए अपने पारंपरिक सामाजिक समीकरण को फिर से मजबूत करने की कोशिश करेगी। पार्टी दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्गों को साधने के साथ-साथ अपने शासनकाल की कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रमुखता से जनता के बीच रखेगी।

पार्टी नेताओं का मानना है कि प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में जनता एक मजबूत विकल्प की तलाश में है और बसपा अपने पुराने जनाधार को फिर से सक्रिय करने की दिशा में काम कर रही है।

प्रत्याशियों की पहली सूची जल्द संभव

सूत्रों के मुताबिक, बसपा इसी महीने विधानसभा चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है। जिन विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी ने पहले से प्रभारी नियुक्त कर रखे हैं, उन्हें इन रैलियों में विशेष भूमिका दी जाएगी।

इसके अलावा, अन्य राजनीतिक दलों के कुछ असंतुष्ट नेताओं को भी बसपा में शामिल कराने की रणनीति पर काम चल रहा है। माना जा रहा है कि आगामी जनसभाएं केवल शक्ति प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि पार्टी के चुनावी रोडमैप और संगठन विस्तार का भी बड़ा मंच बनेंगी।

राजनीतिक जानकारों की नजर अब बसपा की इन रैलियों पर टिकी है, क्योंकि इन्हीं कार्यक्रमों से यह संकेत मिलेगा कि पार्टी 2027 के चुनावी रण में किस रणनीति के साथ उतरने जा रही है।