UP News: मिशन 2027 पर BSP का फोकस- मायावती ने ओबीसी वोट बैंक साधने का दिया मंत्र, विपक्ष पर साधा निशाना
मायावती ने कहा कि वर्ष 2007 में उत्तर प्रदेश में बसपा को पूर्ण बहुमत दिलाने में ओबीसी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उन्होंने दावा किया कि बसपा सरकार ने पिछड़े वर्गों को सम्मान, अधिकार और विकास के अवसर देने के लिए कई ठोस कदम उठाए थे।
बिना किसी दल का नाम लिए मायावती ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कई राजनीतिक दल चुनावी लाभ के लिए कुछ चेहरों को आगे बढ़ाते हैं, लेकिन पूरे ओबीसी समाज के उत्थान को लेकर उनका दृष्टिकोण सीमित और जातीय राजनीति से प्रभावित रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडल आयोग की सिफारिशों के तहत मिले 27 प्रतिशत आरक्षण का पहले विरोध किया गया और अब उसे कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं।
बसपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा सामाजिक न्याय और भागीदारी की राजनीति को प्राथमिकता दी है। उन्होंने दावा किया कि बसपा शासनकाल में दलितों और पिछड़ों के लिए अलग मंत्रालय, आयोग और विशेष योजनाएं बनाई गईं, जिससे इन वर्गों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया गया।
मायावती ने ओबीसी समाज से आह्वान करते हुए कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए राजनीतिक शक्ति हासिल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सत्ता की “मास्टर चाबी” अपने हाथ में लेकर ही समाज अपने अधिकारों को मजबूत कर सकता है।
इधर, मिशन-2027 को लेकर बसपा ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी 22 और 23 जून को अयोध्या और अकबरपुर में बड़ी जनसभाएं आयोजित करने जा रही है। इन कार्यक्रमों के जरिए बसपा अपने शासनकाल की उपलब्धियों, सामाजिक न्याय की नीतियों और सोशल इंजीनियरिंग के पुराने फार्मूले को फिर से मजबूत करने की कोशिश करेगी।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि आगामी चुनाव में दलितों के साथ-साथ ओबीसी वोट बैंक को साधना जीत की रणनीति का अहम हिस्सा होगा। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए संगठन स्तर पर भी व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।







