UP News: चंपत राय को CM योगी से दूर रखना सराहनीय कदम, हम इसकी प्रशंसा करते हैं- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
UP News: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक फैसले की खुलकर सराहना की है। अक्सर विभिन्न मुद्दों पर योगी सरकार की आलोचना करने वाले शंकराचार्य ने इस बार अयोध्या दौरे के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को मुख्यमंत्री से दूर रखने के फैसले को सही ठहराया है।
शामली में गोरक्षा गविष्टि यात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दौरे के दौरान चंपत राय को अपने निकट नहीं रखा, यह एक अच्छा और सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि वह इस निर्णय की प्रशंसा करते हैं।
दरअसल, 19 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान राम मंदिर में चढ़ावा और कथित अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद के बीच चंपत राय मुख्यमंत्री के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर नहीं आए। इससे पहले राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच के लिए राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच भी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने अयोध्या दौरे के दौरान कहा था कि एसआईटी निष्पक्ष जांच कर “दूध का दूध और पानी का पानी” कर देगी। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि किसी के पास मामले से जुड़े दस्तावेजी प्रमाण हैं, तो वे जांच एजेंसी को सौंपें और रिपोर्ट आने तक अनावश्यक बयानबाजी से बचें।
इस बीच, शामली में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गोरक्षा और धर्म रक्षा को एक-दूसरे का पूरक बताया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए समाज को संगठित होना होगा।
शंकराचार्य ने कहा कि गोवंश की रक्षा करने वाला ही सच्चा सनातनी है। उन्होंने लोगों से जाति, क्षेत्र और भाषा के भेदभाव से ऊपर उठकर ऐसे जनप्रतिनिधियों को चुनने की अपील की, जो गोरक्षा और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य करें।
गोरक्षा गविष्टि यात्रा के तहत शामली पहुंचे शंकराचार्य का मेरठ-करनाल हाईवे स्थित लांक पुलिस चौकी के पास भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद वह एमएस फार्म में आयोजित धर्मसभा में शामिल हुए, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सनातन धर्मावलंबी मौजूद रहे।







