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यूपी-जापान निवेश बैठक में दिखी नई औद्योगिक साझेदारी की तस्वीर, जापानी तकनीक के साथ बढ़ेगा निवेश और रोजगार

 
यूपी-जापान निवेश बैठक में दिखी नई औद्योगिक साझेदारी की तस्वीर, जापानी तकनीक के साथ बढ़ेगा निवेश और रोजगार

News Delhi: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को लेकर जापान और प्रदेश के बीच साझेदारी को नई गति देने की दिशा में बुधवार को यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में जापान की प्रमुख कंपनी कुबोटा कॉरपोरेशन और भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र की प्रमुख कंपनी स्पार्क मिंडा के वरिष्ठ अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग और निवेश के लिए तेजी से उभरता केंद्र बताया।

कार्यक्रम में दो प्रमुख परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग भी हुई। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने प्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन, बड़े बाजार और निवेश-अनुकूल नीतियों को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार और उद्योगों के बीच बने बेहतर समन्वय की भी सराहना की गई।

कुबोटा ने जताया दीर्घकालिक साझेदारी का भरोसा

कुबोटा कॉरपोरेशन जापान के प्रेसिडेंट एवं सीईओ शिंगो हानाडा ने नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की शुरुआत को कंपनी की भारत यात्रा में अहम पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश कंपनी के प्रदेश की औद्योगिक क्षमता पर लंबे समय के भरोसे को दर्शाता है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश को तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक केंद्रों में शामिल बताते हुए कहा कि जापान की तकनीकी क्षमता और भारत की स्थानीय समझ मिलकर वैश्विक स्तर पर नई संभावनाएं तैयार कर सकती हैं। कुबोटा ने भविष्य में भारत को मजबूत एक्सपोर्ट बेस के रूप में विकसित करने की दिशा में साझेदारी को आगे बढ़ाने की बात कही।

135 साल पुराना अनुभव, भारत में साझेदारी और मजबूत करने पर जोर

कुबोटा के सीईओ ने कंपनी की 135 वर्षों से अधिक की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और समाज में योगदान देना कंपनी की कार्यशैली का हिस्सा रहा है। भारत में कंपनी की मौजूदगी मजबूत साझेदारियों के जरिए लगातार बढ़ी है।

उन्होंने कृषि क्षेत्र के मशीनीकरण में नंदा परिवार और उनके संस्थान की भूमिका का भी उल्लेख किया और कहा कि दोनों पक्षों की साझेदारी भविष्य में भी और मजबूत होगी।

यूपी में 9 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रही स्पार्क मिंडा

मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आकाश मिंडा ने उत्तर प्रदेश में कंपनी के चार दशक से अधिक पुराने जुड़ाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने वाला राज्य नहीं रहा, बल्कि निवेशकों के बीच भरोसा कायम करने वाला प्रमुख औद्योगिक केंद्र बन रहा है।

उन्होंने बताया कि स्पार्क मिंडा ग्रुप उत्तर प्रदेश में फिलहाल 9,000 से अधिक लोगों को रोजगार दे रहा है। कंपनी प्रदेश में अपने कारोबार का विस्तार करने की तैयारी में है।

EV और इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर एडवांस टेक्नोलॉजी तक बढ़ेगा निवेश

आकाश मिंडा के मुताबिक कंपनी उत्तर प्रदेश में एडवांस टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजाइन एवं डेवलपमेंट सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है।

कंपनी डीपर लोकलाइजेशन और बैकवर्ड इंटीग्रेशन पर भी जोर देगी। इसके तहत जापानी कंपनियों के साथ साझेदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विस्तार की इस योजना से प्रदेश में 6,000 से 8,000 तक अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।

एक्सप्रेसवे और कॉरिडोर ने बदली यूपी की तस्वीर

मिंडा ने कहा कि एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियल पार्क और स्किल्ड मैनपावर जैसी सुविधाओं ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक माहौल को मजबूत किया है। उन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी प्रदेश के औद्योगिक विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि जापान जहां विश्वस्तरीय तकनीक, गुणवत्ता और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता लेकर आता है, वहीं उत्तर प्रदेश बड़े बाजार, प्रतिभाशाली मानव संसाधन, इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतिगत सहयोग उपलब्ध करा रहा है। दोनों की ताकत का मेल यूपी को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में मदद कर सकता है।

निवेश के साथ रोजगार सृजन पर भी फोकस

कार्यक्रम में यह संदेश भी सामने आया कि उत्तर प्रदेश में आने वाला निवेश सिर्फ उद्योगों के विस्तार तक सीमित न रहे, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ाए। स्पार्क मिंडा ने प्रदेश में अपनी औद्योगिक मौजूदगी को विस्तार देने के साथ रोजगार सृजन और विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई।

यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 से प्रदेश में जापानी तकनीक, भारतीय औद्योगिक क्षमता और उत्तर प्रदेश के मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।