नंदीग्राम में BJP प्रत्याशी के हलफनामे पर बवाल! TMC ने की नामांकन रद्द करने की मांग
Kolkata: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (MAITC) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार हसीरानी रथ के नामांकन पर सवाल उठाते हुए निर्वाचन आयोग से उनका नामांकन रद्द करने की मांग की है।

तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशी की ओर से चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे में कथित तौर पर उम्र, शैक्षणिक योग्यता और परीक्षा से जुड़ी जानकारी में विसंगतियों का आरोप लगाया है।
TMC ने हलफनामे को लेकर क्या सवाल उठाए?
MAITC के सोशल मीडिया विंग ने मंगलवार (22 सितंबर 2026) को X पर एक पोस्ट साझा की। इसमें हसीरानी रथ के चुनावी हलफनामे की तस्वीरें पोस्ट करते हुए पार्टी ने उसमें दर्ज जानकारियों पर सवाल उठाए।
Hasirani Rath’s Nandigram affidavit raises serious questions: she says she is 60+ (born 1965/66), yet claims she passed Madhyamik in 1965. The school she names got Class X approval only in 1973. Her nomination should be cancelled for providing false information. https://t.co/8iDgKbZUvB
— AITC WB Information Technology & Social Media Wing (@AITCITwing) September 21, 2026
Hasirani Rath’s Nandigram affidavit raises serious questions: she says she is 60+ (born 1965/66), yet claims she passed Madhyamik in 1965. The school she names got Class X approval only in 1973. Her nomination should be cancelled for providing false information. https://t.co/8iDgKbZUvB
— AITC WB Information Technology & Social Media Wing (@AITCITwing) September 21, 2026
तृणमूल कांग्रेस के मुताबिक, हलफनामे में हसीरानी रथ की उम्र 60 वर्ष से अधिक बताई गई है और उसमें वर्ष 1965 में 10वीं कक्षा की परीक्षा पास करने की जानकारी दर्ज है।
पार्टी ने दावा किया कि हलफनामे में जिस स्कूल का नाम दिया गया है, उसे 10वीं की परीक्षा आयोजित करने की अनुमति कथित तौर पर 1973 में मिली थी। इसी आधार पर TMC ने सवाल उठाया कि यदि स्कूल को 1973 से पहले परीक्षा आयोजित करने की अनुमति नहीं थी, तो 1965 में वहां से 10वीं की परीक्षा पास करने का दावा कैसे किया गया।
जन्म वर्ष और 10वीं पास करने के साल पर भी सवाल
TMC ने हसीरानी रथ के जन्म वर्ष और 10वीं पास करने के वर्ष के बीच दर्ज जानकारी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने दावा किया कि हलफनामे में दी गई जानकारी में विसंगति है और इसी आधार पर निर्वाचन आयोग से उनके नामांकन की जांच करने की मांग की है।
MAITC ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कथित तौर पर गलत जानकारी दिए जाने की स्थिति में हसीरानी रथ का नामांकन रद्द करने की मांग की है।
हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग की जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही होगा।
BJP नेता शिशिर बाजोरिया ने क्या कहा?
TMC के आरोपों पर भाजपा नेता शिशिर बाजोरिया ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि यदि हलफनामे में किसी तरह की गड़बड़ी है तो यह मामला निर्वाचन आयोग के सामने उठाया जाना चाहिए और इस पर फैसला भी आयोग को करने दिया जाना चाहिए।
इस तरह भाजपा ने मामले को निर्वाचन आयोग के समक्ष रखने और वहां से निर्णय होने की बात कही है।
अधिकारी ने शिकायत मिलने से किया इनकार
वहीं, एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस तरह की किसी गड़बड़ी की जानकारी नहीं है। अधिकारी के मुताबिक, इस संबंध में उन्हें अभी तक कोई शिकायत भी नहीं मिली है।
ऐसे में नंदीग्राम उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के हलफनामे को लेकर उठे सवालों पर अब निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
नंदीग्राम उपचुनाव में बढ़ी सियासी हलचल
नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर पहले से ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बनी हुई है। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी के नामांकन को लेकर TMC की आपत्ति ने चुनावी मुकाबले में एक नया मुद्दा जोड़ दिया है।
अब देखना होगा कि निर्वाचन आयोग हसीरानी रथ के हलफनामे में लगाए गए आरोपों पर क्या प्रक्रिया अपनाता है और नामांकन को लेकर कोई औपचारिक निर्णय सामने आता है या नहीं।







