वीडियो और एनीमेशन से आसान होगी कठिन पढ़ाई, योगी सरकार ने माध्यमिक शिक्षा को दिया डिजिटल बूस्ट
UP News: उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है। अब कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को कठिन विषयों की समझ वीडियो, एनीमेशन, रील्स और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए आसान बनाने की तैयारी है। इसी उद्देश्य से राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (एसआईईटी), उत्तर प्रदेश में शैक्षिक वीडियो निर्माण को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में लखनऊ मंडल के विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों से 18 प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों ने हिस्सा लिया। शिक्षकों को विषय विशेषज्ञता के साथ डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कर गुणवत्तापूर्ण और विद्यार्थियों के लिए रोचक शिक्षण सामग्री तैयार करने की जानकारी दी गई।
भौतिकी से गणित तक तैयार होंगे डिजिटल वीडियो
कार्यशाला में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र और गणित जैसे विषयों पर डिजिटल सामग्री तैयार करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। जोर इस बात पर रहा कि जिन अवधारणाओं को विद्यार्थी केवल किताबों से समझने में कठिनाई महसूस करते हैं, उन्हें दृश्य माध्यमों के जरिए सरल तरीके से प्रस्तुत किया जाए।
वीडियो, शॉर्ट रील्स, एनीमेशन और बुलेट प्वाइंट जैसे माध्यमों का इस्तेमाल कर पाठ्यक्रम के कठिन हिस्सों को आसान और रोचक बनाने की योजना है।
शिक्षकों को वीडियो निर्माण की दी गई ट्रेनिंग
एसआईईटी के मीटिंग हॉल में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने किया। इस दौरान अपर निदेशक, व्यावसायिक शिक्षा सुरेंद्र तिवारी और प्रशासनिक अधिकारी अजीत कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
एससीईआरटी के प्रवक्ता कमल किशोर ने शिक्षकों को शैक्षिक वीडियो की रूपरेखा और निर्माण से जुड़े दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। प्रतिभागियों को विषय चयन, कंटेंट तैयार करने, प्रस्तुतीकरण और वीडियो निर्माण के तकनीकी पहलुओं से भी परिचित कराया गया।
कोविड के अनुभव को आगे बढ़ाने पर जोर
कार्यशाला में कोविड-19 के दौरान बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से तैयार किए गए शैक्षिक वीडियो के अनुभवों को भी साझा किया गया। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल माध्यमों का प्रभावी इस्तेमाल कर कम समय में विद्यार्थियों तक उपयोगी और गुणवत्तापूर्ण सामग्री पहुंचाई जा सकती है।
सरकार का लक्ष्य डिजिटल संसाधनों को पारंपरिक शिक्षा का विकल्प बनाना नहीं, बल्कि शिक्षकों की विशेषज्ञता और तकनीक को जोड़कर पढ़ाई को अधिक प्रभावी बनाना है। इससे विद्यार्थियों को अपनी गति और सुविधा के अनुसार कठिन विषयों को दोबारा समझने का अवसर भी मिलेगा।
डिजिटल शिक्षा को और मजबूत करने की तैयारी
कार्यशाला के अंत में एसआईईटी निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने प्रतिभागियों के साथ आगे की कार्ययोजना साझा की। इस पहल के जरिए माध्यमिक शिक्षा में डिजिटल कंटेंट का दायरा बढ़ाने और विद्यार्थियों के लिए सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज, आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।







