West Bengal Education Policy: बंगाल में ‘एक राज्य, एक शिक्षा’ नीति की तैयारी, आलिया विश्वविद्यालय अब उच्च शिक्षा विभाग के अधीन
Kolkata: पश्चिम बंगाल में शिक्षा व्यवस्था को अधिक एकरूप बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को ‘एक राज्य, एक शिक्षा’ नीति की वकालत करते हुए कोलकाता स्थित आलिया विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक मामलों के विभाग से हटाकर उच्च शिक्षा विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में लाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षा व्यवस्था के लिए एक समान नीति की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के सभी शिक्षण संस्थानों के लिए एक समान ढांचा और नीति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की समानांतर शिक्षा व्यवस्था की अनुमति नहीं दी जाएगी।
आलिया विश्वविद्यालय रहेगा, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग के अधीन
सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आलिया विश्वविद्यालय को बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि इसका प्रशासनिक नियंत्रण उच्च शिक्षा विभाग के पास रहेगा।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी पहचान के साथ काम करता रहेगा, लेकिन राज्य के अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों की तरह इसके प्रशासन और अकादमिक कामकाज को भी एक समान ढांचे के तहत व्यवस्थित किया जाएगा।
एनईपी के दायरे में आएगा आलिया विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री के अनुसार, आलिया विश्वविद्यालय को भी राज्य के अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों की तरह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के दायरे में लाया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक ऐसा समान ढांचा तैयार करना है, जिसमें पाठ्यक्रम, प्रशासन और संस्थागत कामकाज में बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।
‘एक राज्य, एक शिक्षा’ से क्या बदलेगा?
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों को ‘एक राज्य, एक शिक्षा’ नीति का पालन करना होगा। उनके मुताबिक, इससे विभिन्न संस्थानों के प्रशासन और प्रबंधन में एकरूपता आएगी।
सरकार का मानना है कि समान शिक्षा ढांचे से विद्यार्थियों के प्रदर्शन और उत्कृष्टता का मूल्यांकन अधिक पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा। छात्रों का आकलन उनकी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर करने पर जोर दिया जाएगा।
संस्थानों के प्रबंधन में बेहतर समन्वय का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में आने के बाद संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी। इससे शिक्षा व्यवस्था के संचालन में एकरूपता आएगी और अलग-अलग संस्थानों के प्रशासनिक ढांचे के बीच मौजूद अंतर को कम किया जा सकेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप काम करना होगा और समान शिक्षा व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाएगा।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल सरकार का यह फैसला राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़े प्रशासनिक बदलाव का संकेत देता है। आलिया विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा विभाग के अधीन लाने और उसे NEP के दायरे में शामिल करने के फैसले से राज्य में ‘एक राज्य, एक शिक्षा’ मॉडल को आगे बढ़ाने की सरकार की मंशा स्पष्ट होती है।







