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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: गुरुवार को पहले फेज की वोटिंग को लेकर पश्चिम बंगाल में हाई अलर्ट, 7 जिलों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चुनाव प्रक्रिया शुरू

West Bengal: हर बूथ पर वोटर को मेन पोलिंग बूथ में जाने देने से पहले दो स्टेज में वोटर वेरिफिकेशन होगा. वेरिफिकेशन का पहला स्टेज बूथ पर मौजूद सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) के जवान करेंगे और वेरिफिकेशन का दूसरा स्टेज संबंधित बूथ-लेवल ऑफिसर (BLO) करेंगे.
 
JHARKHAND

West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. मतदान गुरुवार को होगा, जिसमें राज्य के 7 जिलों के कई विधानसभा क्षेत्रों में वोट डाले जाएंगे. पहले चरण के मतदान को लेकर निगरानी कड़ी कर दी है. पहले चरण में 16 जिलों में फैले 152 सीटों के लिए मतदान होना है.

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सुरक्षा के सख्त इंतजाम

चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी संभावित घटना को रोकने के लिए:

  • संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात
  • सीसीटीवी और वेबकास्टिंग से निगरानी
  • फ्लाइंग स्क्वॉड और स्टेटिक सर्विलांस टीम सक्रिय
  • सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकिंग अभियान तेज

इनमें से सात जिलों की सभी सीटों पर सुरक्षा को लेकर चुनाव आयोग (ECI) की कड़ी नजर रख रही है. ये सात जिले हैं, मालदा और मुर्शिदाबाद (जो अल्पसंख्यक-बहुल जिले हैं), उत्तरी दिनाजपुर, कूच बिहार, बीरभूम, पश्चिमी मिदनापुर और पश्चिमी बर्दवान. इन सात जिलों में से कूच बिहार, मालदा और उत्तरी दिनाजपुर उत्तरी बंगाल में हैं जबकि बाकी चार जिले दक्षिणी बंगाल में हैं.

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के दफ़्तर के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि इन सात जिलों की पहचान बूथ की संवेदनशीलता पर किए गए शोध और पिछले 15 सालों (2011 से अब तक) में चुनाव से जुड़ी हिंसा और उसमें हुई मौतों के रिकॉर्ड के आधार पर की गई है.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी दफ़्तर के एक अंदरूनी सूत्र ने आगे बताया कि ठीक इसी वजह से मतदान के दिन इन जिलों में केंद्रीय बलों और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (QRTs) की तैनाती सबसे ज्यादा होगी. साथ ही, ज्यादातर पोलिंग बूथ को अतिसंवेदनशील बूथ घोषित कर दिया गया है.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ़्तर के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया. पहले से ही यह पक्का करने के लिए कि चुनाव पूरी तरह से हिंसा-मुक्त हों न सिर्फ पोलिंग स्टेशनों के अंदर और आस-पास, बल्कि उन दूसरी जगहों पर भी जहां वोटरों को डराने-धमकाने की गुंजाइश हो ईसीआई ने 152 विधानसभा सीटों पर 2,193 त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (QRTs) को तैनात करने का आदेश दिया. इन सीटों पर पहले चरण में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएँगे.

हर बूथ पर वोटर को मेन पोलिंग बूथ में जाने देने से पहले दो स्टेज में वोटर वेरिफिकेशन होगा. वेरिफिकेशन का पहला स्टेज बूथ पर मौजूद सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) के जवान करेंगे और वेरिफिकेशन का दूसरा स्टेज संबंधित बूथ-लेवल ऑफिसर (BLO) करेंगे.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ऑफिस के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि कमीशन ने पहले ही इंस्पेक्टर, सब-डिवीजन पुलिस ऑफिसर और डिस्ट्रिक्ट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस जैसे निचले रैंक के पुलिस अधिकारियों को पोलिंग के दिनों में ड्यूटी में लापरवाही के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की थी. यह भी चेतावनी दी थी कि ऐसी लापरवाही के चलते डिपार्टमेंट में कड़ी कार्रवाई होगी. इसका असर उनकी एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट (ACR) और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले फायदों पर पड़ेगा.