पश्चिम बंगाल में गरीबों को बड़ी राहत, शुभेंदु सरकार 5 रुपये में देगी मछली-चावल
Kolkata: पश्चिम बंगाल सरकार ने आम लोगों, खासकर गरीब और श्रमिक वर्ग को राहत देने के लिए बड़ा ऐलान किया है. मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने राज्य में सिर्फ 5 रुपये में मछली-चावल उपलब्ध कराने की योजना शुरू करने की घोषणा की है. सरकार के अनुसार, राज्यभर में करीब 400 कैंटीनों के जरिए लोगों को सस्ती दर पर ‘माछ-भात’ उपलब्ध कराया जाएगा. इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कम कीमत में पौष्टिक भोजन देना है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की पहचान मछली-भात से जुड़ी रही है और सरकार चाहती है कि गरीब तबके को भी सम्मानजनक और पौष्टिक भोजन आसानी से मिल सके. योजना के तहत कैंटीनों में तय मेन्यू के अनुसार मछली और चावल परोसा जाएगा. सिर्फ 5 रुपये में फिश-राइस दिया जाएगा. सीएम ने कहा कि यह योजना आम लोगों और जरूरतमंदों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाई जा रही है. साथ ही उन्होंने बताया कि पूरे पश्चिम बंगाल में विशेष कैंटीन स्थापित की जाएंगी, जहां कम कीमत में लोगों को माछ भात दिया जाएगा. उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है.

यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं ने आरोप लगाया था कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है तो बंगाल में मछली, मांस और अंडे पर पूरी प्रतिबंध लगा दिया जाएगा. बंगाल में मछली और चावल लोगों के खानपान का अहम हिस्सा माना जाता है और इसी मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार जारी रही. हालांकि बीजेपी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है. पार्टी नेताओं का कहना है कि बंगाल की संस्कृति और खानपान के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया जाएगा.
बीजेपी नेताओं ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से माछ-भात भोज में हिस्सा लेकर यह संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी बंगाली संस्कृति और खानपान का सम्मान करती. बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर समेत कई नेताओं ने चुनावी कार्यक्रमों और नामांकन रैलियों में मछली लेकर हिस्सा लिया था. इसके जरिए पार्टी ने यह दिखाने की कोशिश की कि वह बंगाल की परंपराओं और स्थानीय खानपान के साथ खड़ी है.
इसी कार्यक्रम के दौरान सीएम शुभेंदु अधिकारी ने अवैध बांग्लादेशियों के मुद्दे पर भी तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जल्दी जल्दी भागो. हम उन्हें जेल में खिलाने पर पैसा खर्च नहीं करेंगे. आखिर जेल में उन्हें खाना खिलाने पर पैसा क्यों बर्बाद करें. अधिकारियों से कहा गया है कि उन्हें सीधे बांग्लादेश भेज दिया जाए.
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है. बंगाल में सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है. अब मुख्यमंत्री के इस बयान और 5 रुपये वाली फिश-राइस योजना को लेकर राज्य में नई राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है. इसी बीच राज्य में पहले से चल रही मां कैंटीन योजना भी चर्चा में है. यह योजना फरवरी 2021 में शुरू की गई थी, जब राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे लॉन्च किया था. इस योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को 5 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जाता है. इन कैंटीनों का संचालन आमतौर पर दोपहर 12:30 बजे से 3:00 बजे तक किया जाता है. यहां लोगों को चावल, दाल, सब्जी और अंडा करी परोसी जाती है. यह योजना राज्य में काफी लोकप्रिय बताई जाती है और बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ लेते हैं.







