West Bengal River Tourism: 4 नए जहाज खरीदेगी सरकार! 'Palace on Wheels' की तर्ज पर नई सेवा
Kolkata: पश्चिम बंगाल में पर्यटन को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने रिवर टूरिज्म (River Tourism) को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू कर दी है. राज्य की नदियों के विशाल नेटवर्क को पर्यटन से जोड़ने के लिए सरकार चार नए जहाज खरीदने जा रही है. पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने बताया कि इन जहाजों के जरिए प्रमुख नदी क्षेत्रों और उनसे जुड़े पर्यटन स्थलों को पर्यटकों के लिए अधिक सुलभ बनाने की योजना है.

नदियों के रास्ते पर्यटन स्थलों को जोड़ने की तैयारी
पश्चिम बंगाल में गंगा समेत कई प्रमुख नदियों का विस्तृत नेटवर्क है. सरकार का मानना है कि नदी परिवहन को पर्यटन के साथ जोड़कर पर्यटकों को यात्रा का एक अलग अनुभव दिया जा सकता है.
पर्यटन मंत्री शंकर घोष के अनुसार, चार नए जहाजों की खरीद इसी योजना का हिस्सा है. इनके जरिए राज्य के अलग-अलग नदी क्षेत्रों और आसपास मौजूद पर्यटन स्थलों को जोड़ने की कोशिश की जाएगी. इससे पर्यटकों को सड़क या रेल के अलावा जलमार्ग से पर्यटन स्थलों तक पहुंचने का विकल्प मिल सकेगा.
रेलवे के साथ भी हो रही बातचीत
राज्य सरकार पर्यटन सेवाओं के विस्तार के लिए भारतीय रेलवे के साथ बातचीत भी कर रही है. योजना रेल और जल परिवहन को पर्यटन नेटवर्क से जोड़ने की है.
सरकार की कोशिश है कि पर्यटक रेल के जरिए किसी क्षेत्र तक पहुंचने के बाद जलमार्ग के माध्यम से आसपास के पर्यटन स्थलों की यात्रा कर सकें. इससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद पर्यटन स्थलों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है.
'पैलेस ऑन व्हील्स' की तर्ज पर खास पर्यटन सेवा
पश्चिम बंगाल सरकार भारतीय रेलवे के सहयोग से 'पैलेस ऑन व्हील्स' की तर्ज पर एक विशेष पर्यटन सेवा शुरू करने की दिशा में भी काम कर रही है.
इसका उद्देश्य पर्यटकों को राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों की यात्रा के दौरान एक खास और आकर्षक अनुभव देना है. प्रस्तावित सेवा में पर्यटन स्थलों को एक विशेष यात्रा अनुभव के साथ जोड़ने पर जोर रहेगा.
विरासत और पर्यटन को जोड़ने पर जोर
सरकार का फोकस केवल नए पर्यटन मार्ग विकसित करने तक सीमित नहीं है. ऐतिहासिक विरासत और महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों के संरक्षण के साथ उन्हें पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है.
पर्यटन विभाग का मानना है कि नदी पर्यटन, रेल आधारित पर्यटन और विरासत स्थलों को एक साथ विकसित करने से पश्चिम बंगाल के पर्यटन क्षेत्र का विस्तार हो सकता है. इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है.
समझौता कार्यक्रम में अधिकारी रहे मौजूद
इस संबंध में आयोजित समझौता हस्ताक्षर कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री शंकर घोष, सूचना एवं संस्कृति मामलों की राज्य मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती और पर्यटन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
राज्य सरकार की इस पहल के तहत आने वाले समय में नदी मार्गों, पर्यटन स्थलों, रेल कनेक्टिविटी और विरासत पर्यटन को एक व्यापक नेटवर्क के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा.







