West Bengal Weather: आसमान में मंडरा रहा खतरा! लो प्रेशर के साथ साइक्लोनिक सिस्टम ACTIVE, कई इलाकों में ALERT
West Bengal Weather Update: पश्चिम बंगाल और आसपास के इलाकों में सक्रिय मौसमी सिस्टम का असर मंगलवार को पूरे राज्य में देखने को मिल सकता है। इसके प्रभाव से उत्तर बंगाल से दक्षिण बंगाल तक कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने उत्तर बंगाल में ऑरेंज और येलो अलर्ट, जबकि दक्षिण बंगाल के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। यहां 70 से 200 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
वहीं अलीपुरदुआर, कूचबिहार और कलिम्पोंग में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ जगहों पर वज्रपात भी हो सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

दक्षिण बंगाल में येलो अलर्ट, कई जिलों में भारी बारिश के आसार
1 सितंबर को दक्षिण बंगाल के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झारग्राम, बांकुड़ा, पुरुलिया और दक्षिण 24 परगना में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
पूर्व मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना में कुछ स्थानों पर वज्रपात के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। दक्षिण बंगाल के अन्य जिलों में भी आंधी, गरज-चमक और वज्रपात के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
पश्चिमोत्तर बंगाल की खाड़ी में बना है लो प्रेशर
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमोत्तर बंगाल की खाड़ी, गंगीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी ओडिशा के तटीय क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।
इससे जुड़ा साइक्लोनिक सर्कुलेशन समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अगले 12 घंटे में ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।
लो प्रेशर के बीच सक्रिय है मानसून ट्रफ
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून ट्रफ अमृतसर, पटियाला, नजीबाबाद और बस्ती से होते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल में बने लो प्रेशर एरिया के केंद्र तक पहुंच रहा है।
इसके साथ एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन की धुरी भी बनी हुई है, जिसका प्रभाव गंगीय पश्चिम बंगाल से ओडिशा, बंगाल की खाड़ी, उत्तर प्रदेश, झारखंड और बिहार तक देखा जा रहा है।
उत्तर बंगाल में 200 MM तक बारिश का अनुमान
मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण अगले 24 घंटे में उत्तर बंगाल के कुछ जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश (70 से 200 मिलीमीटर) हो सकती है।
वहीं, अगले 48 घंटे के दौरान दक्षिण बंगाल के कुछ इलाकों में 70 से 110 मिलीमीटर तक भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तर बंगाल के कुछ जिलों में 4 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
पिछले 24 घंटे में दक्षिण बंगाल में कहां कितनी बारिश?
दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों में पिछले 24 घंटे के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हुई। दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की गई।
| स्थान | जिला | वर्षापात |
|---|---|---|
| दीघा | पूर्व मेदिनीपुर | 7 मिमी |
| सागर द्वीप | दक्षिण 24 परगना | 7 मिमी |
| दुर्गाचक | पूर्व मेदिनीपुर | 6 मिमी |
| तुसुमा | पुरुलिया | 4 मिमी |
| सूरी | बीरभूम | 3 मिमी |
| मुराराई | बीरभूम | 3 मिमी |
| लालगढ़ | झारग्राम | 3 मिमी |
| कोंटाई | पूर्व मेदिनीपुर | 3 मिमी |
| जंगीपुर | मुर्शिदाबाद | 2 मिमी |
| कल्याणी | नदिया | 2 मिमी |
| कंसावती डैम | बांकुड़ा | 2 मिमी |
| पुरुलिया | पुरुलिया | 2 मिमी |
| झारग्राम | झारग्राम | 2 मिमी |
उत्तर बंगाल में झालौंग में सबसे ज्यादा बारिश
उत्तर बंगाल में पिछले 24 घंटे के दौरान कलिम्पोंग के झालौंग में सबसे अधिक 11 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। रोंगो में 8 मिमी और जलपाईगुड़ी के चालौनी टी एस्टेट में 7 मिमी बारिश हुई।
इसके अलावा बारोभिषा में 6 मिमी, माथाभांगा में 4 मिमी और रायडाक टी एस्टेट में 4 मिमी वर्षापात दर्ज किया गया।
4 सितंबर तक बारिश जारी रहने के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर बंगाल में बारिश का दौर आने वाले दिनों में भी जारी रह सकता है। विशेष रूप से दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कलिम्पोंग और आसपास के इलाकों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखें।







