West Bengal Weather: 9 सितंबर तक आफत की बारिश! कई इलाकों में वज्रपात का खतरा
West Bengal Weather Update: पश्चिम बंगाल में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर बने Well Marked Low Pressure Area और दक्षिण-पश्चिम बांग्लादेश के ऊपर सक्रिय Upper Air Cyclonic Circulation के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम केंद्र अलीपुर, कोलकाता ने 3 सितंबर को जारी विशेष बुलेटिन में राज्य के कई जिलों में आने वाले दिनों में भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी दी है।
9 सितंबर तक बारिश और वज्रपात का दौर
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में 9 सितंबर तक भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इस दौरान कुछ स्थानों पर 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश होने की संभावना है।
बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा है।
दीघा से बंगाल की खाड़ी तक फैला मानसून ट्रफ
IMD के मुताबिक, वर्तमान में मानसून ट्रफ दीघा से पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा में बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है। इसके प्रभाव से दक्षिण बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना है।
मौसम प्रणाली के प्रभाव से आने वाले दिनों में दक्षिण और उत्तर बंगाल के अलग-अलग जिलों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
दक्षिण बंगाल में कहां-कहां हुई बारिश?
पिछले 24 घंटे में दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। IMD के आंकड़ों के अनुसार:
- मंगलकोट, पूर्व बर्धमान: 80 मिमी
- अलीपुर, कोलकाता: 70 मिमी
- नलहाटी, बीरभूम: 70 मिमी
- कांडी, मुर्शिदाबाद: 60 मिमी
- दमदम, उत्तर 24 परगना: 60 मिमी
- सॉल्ट लेक, उत्तर 24 परगना: 50 मिमी
- तिलपाड़ा बराज, बीरभूम: 40 मिमी
- आमतला, मुर्शिदाबाद: 40 मिमी
- सूरी, बीरभूम: 40 मिमी
- बशीरहाट, उत्तर 24 परगना: 30 मिमी
- बैरकपुर, उत्तर 24 परगना: 30 मिमी
- कल्याणी, नदिया: 30 मिमी
दक्षिण बंगाल में कब और कहां भारी बारिश?
4-5 सितंबर
पूर्व बर्धमान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, नदिया, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।
इन क्षेत्रों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश, 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
5-6 सितंबर
पश्चिम बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद में भारी बारिश का अलर्ट है।
8-10 सितंबर
दक्षिण बंगाल में एक बार फिर भारी बारिश का दौर सक्रिय हो सकता है। बीरभूम, मुर्शिदाबाद, पुरुलिया, दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा और पश्चिम बर्धमान में भारी बारिश की संभावना है।
उत्तर बंगाल में भी बारिश का अलर्ट
उत्तर बंगाल के कई जिलों में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है।
4-6 सितंबर
कूचबिहार, मालदा, अलीपुरदुआर, जलपाईगुड़ी और दक्षिण दिनाजपुर में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं की चेतावनी है।
6-8 सितंबर
दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर और कूचबिहार में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
भारी बारिश से क्या हो सकता है असर?
मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान कई तरह की परेशानियों की आशंका जताई है। निचले शहरी इलाकों और अंडरपास में जलजमाव हो सकता है।
इसके अलावा खड़ी फसलों और बागवानी को नुकसान पहुंचने की आशंका है। तेज हवाओं के साथ बारिश होने पर कच्चे मकानों, कमजोर दीवारों और अन्य अस्थायी ढांचों को भी नुकसान हो सकता है।
सबसे बड़ी चिंता आकाशीय बिजली को लेकर है। गरज-चमक के दौरान खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आंधी और वज्रपात के दौरान क्या करें?
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
- आंधी और वज्रपात के समय पक्की छत वाले भवन के अंदर रहें।
- पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे खड़े न हों।
- जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें।
- बारिश और तेज हवा के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
- वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें।
- मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लें।
कुल मिलाकर पश्चिम बंगाल में अगले कई दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। दक्षिण बंगाल के साथ उत्तर बंगाल के भी कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।







