50,000KM की समुद्री यात्रा तय करने वाली कौन हैं लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और रूपा? जिन्हें PM मोदी ने भी किया सलाम
Motivational Story: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो प्रोग्राम मन की बात के 126वें एपिसोड में भारतीय नौसेना की दो जांबाज ऑफिसर के बारे में बताया. इन दोनों ऑफिसर्स दिलना और रूपा ने ‘नाविका सागर परिक्रमा’ के दौरान अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया. उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियां हर जगह अपना परचम लहरा रहीं है. वे ऐसी चुनौतियों को भी पार कर रही हैं, जिनकी कल्पना तक मुश्किल है. पीएम के तारीफ करने के बाद लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना ने कहा कि यह हम लोगों के लिए सम्मान और गर्व की बात है. इन्होंने नौसेना के ‘नाविका सागर परिक्रमा’ मिशन में भाग लेकर 50 हजार किमी से अधिक की समुद्री यात्रा तय की. इन्होंने 3 महासागर, 4 महाद्वीप और 3 ग्रेटकैप पार किए.
![]()
इन दोनों से पहले एशिया से किसी ने भी यह यात्रा पूरी नहीं की थी. यह यात्रा 8 महीनों तक चली और इस दौरान इन दोनों ने कठिन समुद्री परिस्थितियों में भी न केवल अपने साहस का परिचय दिया, बल्कि भारतीय महिलाओं की दृढ़ता और भारतीय सशस्त्र बलों की महानता को भी दुनिया के सामने रखा. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत की बेटियां हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं और शीर्ष स्तर की चुनौतियों को पार कर रही हैं. लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और रूपा की सक्सेस स्टोरी बहुत मोटिवेशनल है.

लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा कौन हैं?
लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना केरल के कोझिकोड की रहने वाली हैं. उनके पिता सेना में जवान थे. उन्होंने 2014 में भारतीय नौसेना जॉइन की और लॉजिस्टिक्स कैडर में काम किया. उनके पति भी नौसेना में अधिकारी हैं. वहीं, लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा तमिलनाडु की मूल निवासी हैं और 2017 में भारतीय नौसेना के आर्मामेंट इंस्पेक्शन कैडर में शामिल हुईं. उनके पिता एयरफोर्स में थे. दोनों नेवी अफसरों को बचपन से ही रक्षा सेवा जॉइन करने की प्रेरणा मिल गई थी. पूरी पृथ्वी की परिक्रमा करने का मौका सभी के लिए गर्व का विषय है.

लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के बारे में
लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना केरल के कोझिकोड से ताल्लुक रखती हैं. वह भारतीय नेवी के लॉजिस्टिक्स कैडर में ऑफिसर हैं. उनकी प्रेरणा उनके पिता थे, जो आर्मी में जवान थे. 2014 में नौसेना जॉइन करने के बाद उन्होंने कई जिम्मेदारियां संभालीं. उन्होंने परिवार और राष्ट्रसेवा, दोनों को अपनी प्रायोरिटी पर रखा. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ में उनका जिक्र करना बहुत बड़ा सम्मान है. इससे देश के हर कोने तक लोगों को उनकी यात्रा और उपलब्धि की जानकारी मिली.

लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा बारे में
लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा तमिलनाडु की रहने वाली हैं. उन्होंने साल 2017 में भारतीय नौसेना के आयुध निरीक्षण कैडर को जॉइन किया था. उनके पिता एयरफोर्स में थे, जिससे उन्हें डिफेंस क्षेत्र में जाने की प्रेरणा मिली. रूपा बताती हैं कि इतनी कठिन यात्रा के लिए टीम वर्क और ट्रेनिंग जरूरी थी. इंडियन नेवी ने उन्हें इस यात्रा के लिए हर तरह की ट्रेनिंग दी. वे 7 सालों से दिलना के साथ सेलिंग कर रही थीं. इससे उन दोनों को एक-दूसरे की स्ट्रेंथ और वीकनेस का पता था. यही उनकी सबसे बड़ी पूंजी थी.
नाविका सागर परिक्रमा: एक ऐतिहासिक अभियान
इस ऐतिहासिक परिक्रमा में दोनों अधिकारियों ने 8 महीनों में 50,000 किमी समुद्र यात्रा की. इस दौरान उन्होंने तीन बड़े महासागर, चार महाद्वीप और तीन ग्रेट कैप क्रॉस किए. यह भारत और एशिया के लिए गर्व की बात है कि पहली बार किसी महिला टीम ने नौकायन से इतने लंबे सफर को सफलतापूर्वक पूरा किया. प्रधानमंत्री मोदी ने इन्हें सलाम करते हुए कहा कि देश की बेटियां अब किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी गोवा में आयोजित सम्मान समारोह में कहा कि दोनों की उपलब्धि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है.







