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बंगाल में पूजा के बीच माकपा के बुक स्टॉल पर किसने मचाया उत्पात? बंगाल में BJP पर लगे गंभीर आरोप

दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच माकपा के एक बुक स्टॉल पर कथित आगजनी और तोड़फोड़ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. इस घटना के लिए भाजपा पर आरोप लगाए गए हैं. घटना के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल गरमाने की आशंका है. हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
 
BENGAL

CPIM Book Stall Vandalism:  पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच माकपा के बुक स्टॉल को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। उत्तर 24 परगना जिले के बीजपुर इलाके में अज्ञात लोगों पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक बुक स्टॉल में तोड़फोड़ करने और आग लगाने का आरोप लगा है। पार्टी नेताओं ने इस घटना के पीछे भाजपा समर्थित लोगों का हाथ होने का दावा किया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

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बीजपुर में बुक स्टॉल में आग लगाने का आरोप

माकपा सूत्रों के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात बीजपुर के पलाशी माझीपाड़ा इलाके में चारापूल चौराहे पर लगाए गए पार्टी के बुक स्टॉल में कथित तौर पर तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गई। स्थानीय लोगों ने आग बुझा दी, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।

घटना के बाद माकपा नेताओं ने भाजपा समर्थित उपद्रवियों पर आरोप लगाए। वहीं, पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इलाके में स्थिति सामान्य है और एहतियात के तौर पर घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

एंटाली में स्टॉल लगाने को लेकर विवाद

कोलकाता के एंटाली इलाके में भी माकपा के बुक स्टॉल को लेकर विवाद सामने आया है। कामारडांगा दुर्गा पूजा समिति ने पूजा पंडाल के पास पार्टी को स्टॉल लगाने से रोक दिया। समिति की ओर से ‘बाम बध’ यानी वामपंथियों का वध करो, नारे वाला बैनर लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

समिति ने वामपंथियों पर राष्ट्रविरोधी ताकतों की मदद करने का आरोप लगाया है। उसका दावा है कि स्थानीय लोग भी वहां माकपा का स्टॉल लगाए जाने के खिलाफ हैं।

कई इलाकों में बुक स्टॉल को लेकर शिकायतें

माकपा ने नोआपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के पालता शांतिनगर और कोलकाता के जोड़ाबागान समेत शिबपुर तथा कुलपी के कुछ इलाकों में भी बुक स्टॉल में तोड़फोड़ या स्टॉल लगाने से रोके जाने जैसी घटनाओं की शिकायतें सामने आने की बात कही है।

इन घटनाओं ने दुर्गा पूजा के दौरान राजनीतिक साहित्य और विचारों के सार्वजनिक प्रदर्शन को लेकर बहस तेज कर दी है।

‘शारदोत्सव’ शब्द पर भी सियासत

दुर्गा पूजा समितियों और माकपा के बीच विवाद की एक वजह ‘शारदोत्सव’ शब्द का इस्तेमाल भी बताया जा रहा है। खबर के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पहले पूजा समितियों से आग्रह किया था कि यदि माकपा दुर्गा पूजा के लिए इस शब्द का इस्तेमाल करती है, तो उसे स्टॉल लगाने के लिए जगह नहीं दी जाए।

इसके विपरीत, माकपा का कहना है कि बुक स्टॉल पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा हैं। पार्टी के अनुसार, दुर्गा पूजा जैसे सार्वजनिक उत्सवों के दौरान पुस्तकों और राजनीतिक विचारों के जरिए लोगों के बीच संवाद की परंपरा रही है।

भाजपा नेता अर्जुन सिंह के बयान से बढ़ा विवाद

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल के मंत्री अर्जुन सिंह ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान वामपंथियों को लेकर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भविष्य में ‘दिमागी नक्सलियों’ को स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने वामपंथियों के श्राद्ध कर्म को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि समाज में ऐसे लोगों के लिए जगह नहीं है।

दुर्गा पूजा के दौरान बुक स्टॉल को लेकर सामने आई इन घटनाओं और बयानों ने राज्य में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। बीजपुर की घटना में किसकी भूमिका थी, यह स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।