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जिंदा बेटी का पिता ने किया पिंडदान, आखिर ऐसी नौबत क्यों आई?

एक पिता द्वारा अपनी जीवित बेटी का पिंडदान किए जाने का मामला चर्चा में है. जिस बेटी को कभी लाड़-प्यार से बड़ा किया, उसी के लिए पिता ने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह सवाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. आखिर पिता और बेटी के रिश्ते में ऐसी कौन-सी परिस्थिति पैदा हुई कि पिता ने यह फैसला लिया?

 
UP

Chandauli, UP:  उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से पारिवारिक रिश्तों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां अपनी पसंद से प्रेम विवाह करने वाली बेटी से नाराज पिता ने पितृपक्ष के दौरान उसका पिंडदान कर दिया। जीवित बेटी के नाम पर किए गए इस कर्मकांड की खबर सामने आने के बाद इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

पिता ने किया जिंदा बेटी का पिंडदान. (Photo: Uday Gupta/ITG)

मामला चंदौली के जगदीश सराय गांव का बताया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव की एक युवती ने परिवार की मर्जी के खिलाफ अपनी पसंद के युवक से प्रेम विवाह कर लिया था। बेटी के इस फैसले से उसके पिता और परिवार के अन्य सदस्य नाराज थे। बताया जा रहा है कि परिवार इस विवाह से आहत था और इसे अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहा था।

प्रेम विवाह से नाराजगी, पिता ने उठाया चौंकाने वाला कदम

जानकारी के मुताबिक, बेटी के अपनी पसंद से शादी करने के बाद पिता ने उससे संबंध खत्म करने का फैसला किया। इसी नाराजगी के बीच पितृपक्ष के दौरान पिता ने अपनी जीवित बेटी के नाम पर पिंडदान और तर्पण कराया।

हिंदू धार्मिक परंपरा में पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए तर्पण और पिंडदान किया जाता है। ऐसे में जीवित बेटी के नाम पर इस तरह का कर्मकांड किए जाने की खबर ने लोगों का ध्यान खींचा है।

गांव में चर्चा, पारिवारिक रिश्तों पर उठे सवाल

जगदीश सराय गांव में इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद लोग इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। मामला एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि परिवार की अपेक्षाओं और सामाजिक मान्यताओं के बीच किसी व्यक्ति के अपने जीवनसाथी को चुनने के फैसले को किस तरह देखा जाना चाहिए।

प्रेम विवाह को लेकर परिवारों में मतभेद की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। हालांकि, इस मामले में पिता के फैसले के पीछे की पूरी परिस्थितियों और परिवार के पक्ष की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

फिलहाल, इस घटना ने पारिवारिक रिश्तों, सामाजिक प्रतिष्ठा और व्यक्तिगत पसंद के बीच टकराव को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।