हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस के 20 जवानों को क्यों लिया हिरासत में? कार्रवाई होने का क्या है कारण?
Delhi Police and Himachal Police Contradict: हिमाचल प्रदेश से बड़ी खबर है. हिमाचल प्रदेश की पुलिस ने दिल्ली पुलिस के क़रीब 20 जवानों को हिरासत में लिया है. हिमाचल प्रदेश पुलिस का कहना है कि दिल्ली पुलिस की टीम बगैर पूर्व सूचना के अंतर-राज्यीय गिरफ़्तारी के लिए आई थी.
दरअसल, दिल्ली पुलिस ने India AI IMPACT SUMMIT 2026 में 'Shirtless' प्रदर्शन करने वाले तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को शिमला के रोहड़ू से हिरासत में लिया था. लेकिन सोलन ज़िले में हिमाचल प्रदेश पुलिस ने दिल्ली पुलिस की टीम को रोककर उनके क़रीब 20 जवानों को हिरासत में ले लिया. राज्य पुलिस का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने स्थानीय पुलिस को कोई पूर्व सूचना नहीं दी, जो अंतर-राज्यीय गिरफ़्तारी के लिए ज़रूरी प्रक्रिया है.
जानकारी के अनसार, इस मामले में अब हिमाचल और दिल्ली पुलिस आमने सामने हो गए है. बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए यूथ कांग्रेस के तीनों कार्यकर्ताओं को शिमला में जिला अदालत में लाया गया, और एसीजेएम कोर्ट नंबर में 2 में पेश किया गया, दिल्ली पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी भी अदालत में मौजूद हैं. इससे पहले, सोलन पुलिस ने धर्मपुर के पास सभी को रोक लिया था. गौर रहे कि एआई समिट में प्रदर्शन करने वालों में तीन यूथ कांग्रेस के वर्कर हालांकि, हिमाचल प्रदेश के रहने वाले नहीं है. लेकिन इन्होंने प्रदर्शन किया था और फिर शिमला के रोहड़ू में छिप गए थे और होटल में रुके थे.
सोलन पुलिस ने हाईवे पर लगाया था नाका
जब सोलन पुलिस को मामले की सूचना मिली तो धर्मपुर में सोलन पुलिस ने चंडीगढ़ कालका शिमला हाईवे पर बैरिकैडिंग कर दी और फिर दिल्ली पुलिस के जवानों को डिटेन कर लिया. फिलहाल, शिमला कोर्ट में तीन वर्करों को पेश किया गया है. यहां पर शिमला के एसपी गौरव सिंह भी पहुंचे हैं.







