क्या बरहामपुर से चुनाव लड़ेंगी ममता बनर्जी? युसूफ पठान से सीट खाली करने की मांग की खबरों ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी
Kolkata: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है. चर्चा है कि मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए बरहामपुर से चुनाव लड़ने पर विचार कर रही हैं. इसी बीच ऐसी खबरें सामने आई हैं कि पार्टी नेतृत्व ने बरहामपुर से सांसद और पूर्व क्रिकेटर युसूफ पठान से इस्तीफा देने को कहा, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया.

सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी के संभावित चुनावी कार्यक्रम को लेकर पार्टी के भीतर कई स्तरों पर चर्चा चल रही है. बरहामपुर सीट को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है और टीएमसी नेतृत्व यहां से मजबूत संदेश देने की रणनीति पर काम कर रहा है.
ममता बनर्जी अपने सियासी जीवन में सबसे मुश्किल वक्त से गुजर रही हैं. अटकलें लग रही है कि विधायकों की तरह ही सांसदों में भी बगावत हो सकती है. इसकी अटकलें कोलकाता से दिल्ली तक लग रही हैं. संभावना जताई रही है कि मानसूत्र सत्र से पहले खेला हो सकता है. इस सब के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ी चर्चा सामने आई है. इसमें कहा जा रहा है कि टीएमसी पार्टी को बचाने के लिए ममता बनर्जी खुद लोकसभा बनना चाहती हैं. वह बहरामपुर से चुनाव लड़ना चाहती हैं. अभी यहां से पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान सांसद हैं. टीएमसी के पास 28 लोकसभा सांसद और 13 राज्यसभा एमपी हैं.

क्यों बहरामपुर से लड़ना चाहती हैं ममता?
यूसुफ पठान सीट खाली करने को नहीं तैयार
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ममता बनर्जी भले ही बहरामपुर से लड़ना चाहती हैं लेकिन गुजरात के वडोदरा के रहने वाले यूसुफ पठान इसके लिए तैयार नहीं हैं. उन्होंने इस्तीफा देने की संभावना से इनकार कर दिया है. 2024 लोकसभा चुनावों में यूसुफ पठान ने ममता बनर्जी के बल पर ही बरहरामपुर से जीत हासिल की थी. तब उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता अधीर रंजन चौधरी को हराया था. बहरामपुर सीट 70 फीसदी मुस्लिम बहुल है. यूसुफ पठान को अधीर रंजन चौधरी के सामने 524,516 वोट मिले थे. वह 85 हजार वोटों से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे.







