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राहुल गांधी करेंगे INDIA का नेतृत्व? ममता के बयान पर खरगे का बड़ा जवाब

National Politics:  INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद गठबंधन के नेतृत्व को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है. बैठक में ममता बनर्जी ने विपक्षी एकता और गठबंधन को और व्यापक बनाने पर जोर दिया. इसी बीच राहुल गांधी के नेतृत्व से जुड़े सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस फिलहाल सत्ता हासिल करने के पीछे नहीं, बल्कि लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों को एकजुट करने पर जोर दे रही है.
 
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National Politics:  INDIA गठबंधन की बैठक में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच प्रधानमंत्री पद को लेकर बदले राजनीतिक रुख की चर्चा ने सियासी हलकों का ध्यान खींचा है। बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि कांग्रेस प्रधानमंत्री पद हासिल कर सकती है और इस पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उन्होंने निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही।

Om Birla No Confidence Motion | Mamata Banerjee News Congress | ममता बनर्जी  ने कांग्रेस को दे दी गुड न्यूज, ओम बिरला के खिलाफ चक्रव्यूह तैयार - News18  हिंदी

ममता बनर्जी के इस कथित रुख को कांग्रेस के प्रति तृणमूल के पुराने रुख में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री पद या सत्ता के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के लिए विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश कर रही है।

ममता बनर्जी के रुख में बदलाव की चर्चा

लोकसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस की ओर से INDIA गठबंधन में कांग्रेस के प्रभुत्व और राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के संभावित चेहरे के तौर पर पेश किए जाने पर आपत्तियां जताई जाती रही थीं। तृणमूल नेतृत्व की ओर से विपक्षी गठबंधन में क्षेत्रीय दलों की भूमिका और नेतृत्व के सवाल को प्रमुखता दी गई थी।

हालिया बैठक में ममता बनर्जी के कथित बयान के बाद गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है। हालांकि, प्रधानमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला किसी एक दल या नेता के बजाय गठबंधन की सहमति से किए जाने की बात सामने आई है।

खरगे ने कहा- सत्ता के लिए नहीं लड़ रही कांग्रेस

बैठक में ममता बनर्जी के कथित बयान के जवाब में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य प्रधानमंत्री पद हासिल करना नहीं है। उनके मुताबिक, विपक्षी दलों का मौजूदा संघर्ष लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है।

खरगे के इस बयान को गठबंधन के भीतर नेतृत्व के सवाल को तत्काल राजनीतिक प्राथमिकता न देने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी की भूमिका पर उठाए थे सवाल

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी कई मौकों पर राष्ट्रीय विपक्षी राजनीति में राहुल गांधी की भूमिका और रणनीति को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। तृणमूल की ओर से यह तर्क भी दिया जाता रहा है कि ममता बनर्जी के पास लंबे प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में मजबूत जनाधार है।

SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के दौरान भी तृणमूल नेतृत्व और कांग्रेस के बीच कई मुद्दों पर अलग-अलग रुख देखने को मिला था। ऐसे में मौजूदा बैठक में सामने आया कथित बयान राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के संकेत के रूप में चर्चा में है।

SIR मुद्दे पर करीब आए विपक्षी दल

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर तृणमूल कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर सवाल उठाती रही है। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के कई नेताओं ने ममता बनर्जी के रुख का समर्थन किया है।

राहुल गांधी ने भी चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रूप से आवाज उठाने की जरूरत है।

राहुल गांधी ने दी व्यापक विपक्षी रणनीति की बात

बैठक में राहुल गांधी ने विभिन्न राज्यों की राजनीतिक परिस्थितियों का उदाहरण देते हुए विपक्षी दलों के बीच व्यापक समन्वय की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने केरल का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां कांग्रेस और वाम दल चुनावी प्रतिद्वंद्वी हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर कई मुद्दों पर विपक्षी दल एक मंच पर दिखाई देते हैं।

राहुल गांधी का जोर इस बात पर बताया गया कि अलग-अलग राज्यों में राजनीतिक परिस्थितियां अलग हो सकती हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर लोकतांत्रिक और चुनावी मुद्दों पर विपक्षी दलों को साझा रणनीति के साथ आगे बढ़ना होगा।

उद्धव ठाकरे और उमर अब्दुल्ला ने भी रखी राय

बैठक में शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे ने तृणमूल कांग्रेस में कथित फूट की कोशिश का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह उनकी पार्टी को विभाजित किया गया, उसी तरह तृणमूल कांग्रेस को भी कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

वहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से अपनी बात रखी। बैठक में अन्य क्षेत्रीय दलों के प्रतिनिधियों ने भी चुनावी प्रक्रिया और विपक्षी एकता से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।

आगे की रणनीति पर रहेगा फोकस

INDIA गठबंधन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग राज्यों में क्षेत्रीय दलों के राजनीतिक हितों और राष्ट्रीय स्तर की साझा रणनीति के बीच संतुलन बनाने की है। प्रधानमंत्री पद के चेहरे का सवाल फिलहाल गठबंधन की सार्वजनिक प्राथमिकता नहीं दिख रहा है। बैठक में जोर संयुक्त राजनीतिक मुद्दों और विपक्षी एकता को आगे बढ़ाने पर रहा।