अवैध कब्जों पर चलेगा बुलडोजर? CM रेखा गुप्ता ने अफसरों को दिया सख्त आदेश
Delhi: दिल्ली में अवैध और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई तेज हो गई है। सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को राजधानी में अवैध निर्माण और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्यमंत्री ने नगर निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को ग्राउंड पर मौजूद रहकर कार्रवाई की निगरानी करने को कहा है। इसके साथ ही दिल्ली के सभी PG और हॉस्टल का सघन निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अवैध निर्माण पर जिम्मेदार अधिकारियों की भी होगी पहचान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिया है कि जहां भी अवैध निर्माण पाया जाए, वहां केवल निर्माणकर्ता या संपत्ति मालिक की ही नहीं, बल्कि संबंधित समय में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाए।

इसके लिए संबंधित इमारतों के बिल्डिंग रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे। रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि निर्माण किस वर्ष हुआ था और उस समय संबंधित क्षेत्र किस अधिकारी या विभाग के अधिकार क्षेत्र में था।
जांच के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका तय कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का ताबड़तोड़ एक्शन
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम ने खतरनाक और अवैध भवनों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है।
मंगलवार को MCD ने अलग-अलग इलाकों में 17 इमारतों को ध्वस्त किया, जबकि पांच संपत्तियों को सील किया गया। इसके अलावा नौ लोगों को कारण बताओ नोटिस, दो को सीलिंग नोटिस और 15 को ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए।
निगम के मुताबिक, अवैध और असुरक्षित इमारतों की पहचान कर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली के इन इलाकों में हुई कार्रवाई
मंगलवार को MCD की कार्रवाई कई इलाकों में हुई। इनमें:
- सैदुलाजाब
- लक्ष्मी नगर
- विश्वास नगर
- मुखर्जी नगर
- जामिया नगर
- शाहीन बाग
- तिलक नगर
- करमपुरा
- करोलबाग
- रमेश नगर
- मानसरोवर गार्डन
- चांदनी चौक
- नेहरू विहार
शामिल हैं।
MCD के अनुसार, इन इलाकों में कई ऐसी इमारतें मिलीं, जहां भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन किया गया था। कुछ संपत्तियों के नक्शे पास नहीं कराए गए थे, जबकि कुछ इमारतें निर्धारित ऊंचाई और मंजिल संबंधी नियमों के विपरीत बनाई गई थीं। कुछ भवनों का ढांचा भी असुरक्षित पाया गया।
PG और हॉस्टल पर विशेष नजर
दिल्ली में PG और हॉस्टल वाले इलाकों में भी जांच अभियान तेज कर दिया गया है। अधिकारियों को ऐसे भवनों का विशेष निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां प्रथम दृष्टया ऊंचाई, मंजिल या भवन निर्माण से जुड़े नियमों का उल्लंघन दिखाई देता है।
सोमवार को दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वरिष्ठ सरकारी एवं MCD अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में PG और हॉस्टल वाले इलाकों में सघन निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
1 से 8 सितंबर के बीच 48 संपत्तियों पर कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, 1 से 8 सितंबर के बीच MCD ने 48 संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की। इस दौरान 15 संपत्तियों को सील किया गया।
इसी अवधि में अनधिकृत निर्माण के मामले में 90 कारण बताओ नोटिस, सीलिंग के लिए 124 कारण बताओ नोटिस और 66 तोड़फोड़ आदेश जारी किए गए।
जून से अगस्त तक 959 संपत्तियों पर चला बुलडोजर
MCD के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 31 अगस्त के बीच 959 संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई, जबकि 456 संपत्तियों को सील किया गया।
इस अवधि में निगम ने अनधिकृत निर्माण के लिए 1,461 कारण बताओ नोटिस, सीलिंग के लिए 590 कारण बताओ नोटिस और 687 तोड़फोड़ आदेश जारी किए।
हादसों के बाद बढ़ी अवैध निर्माण की निगरानी
दिल्ली में हालिया इमारत हादसों के बाद प्रशासन और नगर निगम की ओर से अवैध और असुरक्षित निर्माण को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। अब कार्रवाई के साथ-साथ पुराने बिल्डिंग रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नियमों का उल्लंघन कब और कैसे हुआ।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद आने वाले दिनों में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में अवैध निर्माण, असुरक्षित भवनों, PG और हॉस्टल के खिलाफ अभियान और तेज होने की संभावना है।







