जलपाईगुड़ी में TMC नेता के खिलाफ फूटा महिलाओं का गुस्सा, विकास कार्यों का हिसाब मांगते हुए किया जोरदार विरोध
Kolkata/Jalpaiguri: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं के खिलाफ जनता का गुस्सा एक बार फिर खुलकर सामने आया. जलपाईगुड़ी जिले के बनारहाट इलाके में जब एक तृणमूल नेता लोगों के बीच पहुंचे, तो महिलाओं ने उन्हें घेर लिया और कथित तौर पर नारे लगाते हुए कहा, "हिसाब बताओ या अंडे खाओ". स्थिति बिगड़ती देख नेता वहां से निकल गए.

रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय महिलाओं ने विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े सवालों को लेकर जवाब मांगा. प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप था कि चुनाव के दौरान किए गए कई वादे पूरे नहीं हुए और क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया. इसी वजह से उन्होंने नेता से सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की.
हालात ऐसे बन गये हैं कि बंगाल में गुस्सयी महिलाओं को देखते ही तृणमूल नेता भागने लगते हैं. ऐसा ही कुछ जलपाईगुड़ी जिले के बनारहाट के शालबारी-1 ग्राम पंचायत क्षेत्र में देखने को मिला. स्वयं सहायता समूह से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर इलाके में आक्रोश फैल गया है. सौ से अधिक महिला सदस्यों ने हाथों में अंडे लेकर अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन किया.
9 वर्षों से नहीं दिया गया है कोई हिसाब
जानकारी के अनुसार हाथ में अंडे लेकर महिला प्रदर्शनकारियों ने संघ कार्यालय को घेर लिया. आरोप है कि संघ के वित्तीय लेन-देन का पारदर्शी लेखा-जोखा पिछले 9 वर्षों से सदस्यों के सामने प्रस्तुत नहीं किया गया है. इसके अलावा, यह भी दावा किया जा रहा है कि सरकारी परियोजनाओं से प्राप्त विभिन्न कृषि उपकरणों का निजी उद्देश्यों के लिए उपयोग किया गया है. प्रदर्शनकारियों का दावा था कि अध्यक्ष दीपा रॉय और संघ के अन्य अधिकारी अपने हाथों में अंडे देखकर ‘अंडा चिकित्सा’ के डर से कार्यालय छोड़कर चले गए.
तृणमूल नेताओं के कार्यालय से भाग जाने के बाद हालात इतने उग्र हो गये कि बनारहाट पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंची. हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि हिसाब मिलने तक इमारत का ताला नहीं खोला जाएगा. इस संबंध में राज छेत्री ने कहा-मैं पिछले 9 वर्षों का हिसाब लेने आया हूं. मैंने अध्यक्ष से हिसाब देने को कहा था, लेकिन वह हिसाब देने नहीं आए. उनका कहना है कि वे हिसाब नहीं देंगे. उन्होंने पिछले 9 वर्षों में भ्रष्टाचार किया है. अब उनके लिए एक ही रास्ता है, हिसाब बताओ नहीं तो अंडे खाओ.







