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यमुना पुनर्जीवन को रफ्तार: एलजी और सीएम का ग्राउंड निरीक्षण, ‘ग्रीन बजट’ से सफाई और विकास को बड़ा बूस्ट

 
यमुना पुनर्जीवन को रफ्तार: एलजी और सीएम का ग्राउंड निरीक्षण, ‘ग्रीन बजट’ से सफाई और विकास को बड़ा बूस्ट
New Delhi: राजधानी में यमुना को स्वच्छ और जीवंत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने वासुदेव घाट और यमुना बाजार घाट का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान नदी तटों के विकास, सफाई व्यवस्था और बुनियादी ढांचे की गहन समीक्षा की गई, साथ ही अधिकारियों को काम में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान यह साफ तौर पर सामने आया कि विकसित घाटों और अन्य क्षेत्रों के बीच बड़ा अंतर है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी घाटों को पर्यावरण-अनुकूल, आधुनिक और जनसुविधा से लैस बनाया जाए। यमुना किनारे ग्रीनवे, वॉकिंग ट्रैक, साइक्लिंग पथ, वेटलैंड्स और बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित करने के काम को मिशन मोड में पूरा करने पर जोर दिया गया।

‘ग्रीन बजट’ से यमुना सफाई को बड़ा सहारा

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट में ‘ग्रीन बजट’ का बड़ा हिस्सा यमुना की सफाई और पुनर्जीवन के लिए तय किया गया है। खासतौर पर सीवेज ट्रीटमेंट, डी-सिल्टिंग और जल प्रवाह को बेहतर बनाने पर फोकस रहेगा, ताकि नदी की प्राकृतिक स्थिति बहाल की जा सके।

अतिक्रमण हटेगा, जलभराव से मिलेगी राहत

सरकार ने स्पष्ट किया कि यमुना के बाढ़ क्षेत्र से अतिक्रमण हटाकर उसकी जलधारण क्षमता बढ़ाई जाएगी। साथ ही जलभराव वाले इलाकों की पहचान कर स्थायी समाधान लागू किए जाएंगे, जिससे मानसून के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।

वैश्विक मॉडल पर होगा विकास

यमुना पुनर्जीवन परियोजना में अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी, ताकि दुनिया के सफल मॉडल को दिल्ली में लागू किया जा सके। यह परियोजना केवल सफाई तक सीमित नहीं, बल्कि एक हरित, सस्टेनेबल और आकर्षक नदी तट विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम है।

‘जीरो टॉलरेंस’ पर काम

अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि कचरा प्रबंधन, सीवेज नियंत्रण और अवैध गतिविधियों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाए। साथ ही सभी विभागों को समन्वय के साथ तय समयसीमा में काम पूरा करने को कहा गया है।

यमुना को लेकर सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है जहां लक्ष्य सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि नदी को फिर से दिल्ली की जीवनरेखा बनाना है।