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पेपर लीक माफिया पर योगी सरकार का बड़ा वार, 910 असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा रद्द

 
पेपर लीक माफिया पर योगी सरकार का बड़ा वार, 910 असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा रद्द

National news: उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं की शुचिता पर कोई समझौता नहीं, इस संदेश के साथ योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 910 पदों के लिए आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को निरस्त करने का आदेश दे दिया है। यह निर्णय अभ्यर्थियों के भविष्य की सुरक्षा और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या-51 के तहत अप्रैल 2025 में आयोजित सहायक आचार्य परीक्षा को लेकर अनियमितता, धांधली और अवैध धन वसूली की गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। इन सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर गोपनीय जांच कराई गई।

जांच के दौरान एसटीएफ उत्तर प्रदेश ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया, जो फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूल रहा था। इस मामले में महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल को गिरफ्तार किया गया है। लखनऊ के विभूतिखंड थाने में इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ कि अभियुक्त महबूब अली ने मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान प्रश्नपत्र निकालकर पैसे लेकर अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराए। डेटा एनालिसिस और पूछताछ में इस साजिश की पुष्टि हुई। इसके बाद अन्य संदिग्ध अभ्यर्थियों की भूमिका भी सामने आई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि परीक्षा की निष्पक्षता पूरी तरह प्रभावित हुई है।

इन तथ्यों के आधार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने का निर्देश दिया। साथ ही उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को आदेश दिया गया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा का पुनः आयोजन शीघ्र किया जाए और यह प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद हो।

सरकार का साफ संदेश है भर्ती में धांधली करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और मेहनती अभ्यर्थियों के अधिकारों से कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।