योगी सरकार का बड़ा फैसला: मंत्रियों की गाड़ियों में कटौती, ‘वर्क फ्रॉम होम’ और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर जोर
मुख्यमंत्री ने सचिवालय और निदेशालय स्तर पर एयर कंडीशनर के उपयोग को नियंत्रित करने के निर्देश देते हुए कहा कि एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखा जाए। साथ ही सरकारी दफ्तरों में प्राकृतिक रोशनी के अधिकतम इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है।
योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों से अपने वाहन काफिले को 50 प्रतिशत तक कम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सप्ताह में कम से कम एक दिन मंत्री और अधिकारी मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग या साइकिल जैसे सार्वजनिक परिवहन साधनों का उपयोग करें, ताकि जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाए।
सरकार ने 50 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में सप्ताह में कम से कम दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था अपनाने पर भी बल दिया है। इसके अलावा अंतरजनपदीय बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कमेटी मीटिंग्स को यथासंभव हाइब्रिड मोड में आयोजित करने की सलाह दी गई है।
ऊर्जा संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा के अधिक उपयोग और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में नई नीति तैयार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और ऊर्जा-कुशल परिवहन व्यवस्था भविष्य की जरूरत है।
योगी आदित्यनाथ ने सामाजिक आयोजनों में फिजूलखर्ची रोकने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह और अन्य कार्यक्रमों के लिए स्थानीय स्थलों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिले और अनावश्यक खर्च कम हो।
‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से उत्तर प्रदेश में बने उत्पादों को उपहार के तौर पर इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के तहत प्रदेश में कई बेहतरीन और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध हैं, जिन्हें बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
सरकार के इन फैसलों को नई कार्यसंस्कृति, ऊर्जा बचत और “कम खर्च, ज्यादा प्रभाव” वाली प्रशासनिक नीति के रूप में देखा जा रहा है।







