योगी सरकार के मानवीय सरोकार: बलिया की दिव्यांग रागिनी को सीएम योगी से मिला जीवन बदलने का भरोसा, इलाज से लेकर पढ़ाई तक का जिम्मा लेगी सरकार
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता का एक और अनूठा उदाहरण सामने आया है। बलिया जिले की रहने वाली सात साल की दिव्यांग बेटी रागिनी जब अपनी मां, पिता और स्थानीय विधायक केतकी सिंह के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची, तो वहां का माहौल बेहद भावुक और उम्मीदों से भरा था। सीएम योगी ने बच्ची से बेहद आत्मीयता से बात की और उसकी पढ़ाई-लिखाई से लेकर स्वास्थ्य तक की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली।
सोशल मीडिया वीडियो ने बदली तकदीर:
कक्षा एक में पढ़ने वाली रागिनी के स्कूल आने-जाने में आ रही दिक्कतों का एक वीडियो हाल ही में सामने आया था। इस वीडियो पर खुद मुख्यमंत्री ने त्वरित संज्ञान लिया था। उनके निर्देश पर बलिया जिला प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए रागिनी को दो ट्राइसिकल मुहैया कराईं, जिससे अब उसका स्कूल जाना आसान हो गया है।
इलाज और आवास की मिली सौगात:
मुलाकात के दौरान रागिनी के पिता देवेंद्र ने सीएम को बताया कि कुछ साल पहले एक सड़क हादसे में उनकी बेटी का पैर फ्रैक्चर हो गया था, जिसके चलते उसे चलने-फिरने में भारी परेशानी होती है। मुख्यमंत्री ने परिवार की पीड़ा को समझते हुए घोषणा की कि रागिनी के ऑपरेशन और इलाज का सारा खर्च सरकार वहन करेगी। इसके अलावा, परिवार को पक्का आवास और घर तक जाने वाली जर्जर सड़क को भी जल्द दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया गया।
विधायक केतकी सिंह ने की सराहना:
बलिया की भाजपा विधायक केतकी सिंह ने इस पूरी पहल पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली यही है कि उन्हें किसी जरूरतमंद तक फरियाद लेकर पहुंचने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि वे खुद हर खबर पर नजर रखते हैं। इस साहसिक और संवेदनशील पहल से रागिनी और उसके परिवार के चेहरे पर एक नई मुस्कान लौट आई है।







