युवाओं ने संभाली साइबर सुरक्षा की कमान, स्कूल में छात्रों को सिखाए ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के तरीके
Newshaat Desk: डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति स्कूली छात्रों को जागरूक करने के उद्देश्य से सरस्वती विद्यामंदिर हाई स्कूल में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम क्विक हील फाउंडेशन और पाटकर-वर्दे कॉलेज के सहयोग से आयोजित हुआ।
यह जागरूकता सत्र क्विक हील फाउंडेशन के अभियान ‘Cyber Shiksha for Cyber Suraksha’ के तहत आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम ‘My Data, My Responsibility’ यानी ‘मेरा डेटा, मेरी जिम्मेदारी’ रखी गई है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने व्यक्तिगत डेटा और डिजिटल पहचान की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाना रहा।
कार्यक्रम में पाटकर-वर्दे कॉलेज के प्रशिक्षित छात्र साइबर वॉरियर्स सिल्पिशिवम सिंह और रिया मिश्रा ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को बताया कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय किन सावधानियों को अपनाना जरूरी है।
सत्र के दौरान डेटा प्राइवेसी, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा, ऑनलाइन स्कैम की पहचान, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी के संभावित तरीकों को पहचानने और संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज से सावधान रहने के बारे में भी बताया गया।
स्कूल प्रबंधन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज की तकनीक-प्रेमी युवा पीढ़ी के लिए डिजिटल साक्षरता के साथ साइबर सुरक्षा की समझ भी बेहद जरूरी है। विद्यालय की ओर से पाटकर-वर्दे कॉलेज के छात्र साइबर वॉरियर्स और क्विक हील फाउंडेशन का इस महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान के लिए आभार व्यक्त किया गया।
‘Cyber Shiksha for Cyber Suraksha’ जैसे अभियानों के जरिए क्विक हील फाउंडेशन और पाटकर-वर्दे कॉलेज युवाओं को जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाने और उन्हें सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के लिए तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।







