20 साल का साथ टूटा: नीतीश कुमार के इस्तीफे से भावुक हुआ सदन, बिहार की सियासत में बदले सुर
इस दौरान विधान परिषद के सभापति का भावुक बयान भी सामने आया। उन्होंने साफ कहा कि नीतीश कुमार के जाने का दुख सिर्फ उन्हें ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार को है। उन्होंने बताया कि सुबह हुई मुलाकात में ही मुख्यमंत्री ने इस्तीफे का संकेत दे दिया था, जिसके बाद सभी संवैधानिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
सभापति ने नीतीश कुमार के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि वे बेहद धैर्यवान और संतुलित नेता हैं, जिनके चेहरे से भाव पढ़ पाना आसान नहीं होता। लेकिन उनका जाना एक खालीपन जरूर छोड़ जाएगा। करीब दो दशक तक साथ काम करने के अनुभव को याद करते हुए उन्होंने इसे व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों स्तर पर बड़ी क्षति बताया।
उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को विकास की नई दिशा दी और राज्य की पहचान बदलने में अहम भूमिका निभाई। ऐसे नेता का जाना निश्चित रूप से राज्य के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगा।
अब सभी की नजरें आगे की राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हैं। नीतीश कुमार का यह कदम सिर्फ एक इस्तीफा नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत का संकेत भी माना जा रहा है।







