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धोखे से अर्जित किया हुआ जनादेश स्थाई नहीं होता: कन्हैया सिंह
 

पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह उर्फ आरसीपी सिंह के कैंप के वरीय नेता शिक्षाविद डॉ कन्हैया सिंह ने कहा कि कभी भी धोखे से अर्जित किया हुआ जनादेश कभी स्थाई नहीं होता और वह सर्वदा अस्थाई होता है. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने 2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा, जदयू, हम एवं वीआईपी को साथ लेकर बनी एनडीए को जनादेश सरकार बनाने के लिए वोट दिया था. मगर बिहार में कुर्सी के खातिर जनादेश का अपमान समय-समय पर राज्य के मुखिया द्वारा किया जाता है.

कन्हैया सिंह ने कहा कि, वह दिन याद है जब बिहार में 2013 में जनादेश का अपमान हुआ था तो बिहार की जनता 2014 के लोकसभा चुनाव में जदयू को 40 में से महज 2 सीटें दी थी। उसके बाद जदयू ने सत्ता के खातिर अपने एजेंडा व नीति को भुलाकर राजद के साथ गठबंधन किया और 2015 का विधानसभा का चुनाव लड़ा. बिहार की जनता ने 2015 में महागठबंधन सरकार को सरकार चलाने का जनादेश दिया, मगर उस समय भी क्षणिक के लाभ के लिए मुख्यमंत्री जी राजद को छोड़ एनडीए के साथ हो लिए. उस समय उन्होंने कहा था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस नीति है जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर सकते.

आज बिहार की जनता पूछ रही है कि जिस तेजस्वी यादव के ऊपर लगे भ्रष्टाचार को लेकर 2017 में नीतीश कुमार सरकार से अलग हुए थे क्या वह भ्रष्टाचार समाप्त हो गया है? तेजस्वी यादव को क्या कोर्ट ने बरी कर दिया है?  डॉ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी कुर्सी सुरक्षित रखने के लिए किसी से भी हाथ मिला सकते हैं चाहे जनता का जनादेश कुछ भी हो. डॉ सिंह ने कहा कि बिहार की जनता सत्ता में हो रहे हेराफेरी  को देख रही है और आगामी चुनाव में इसका जवाब देगी. डॉ सिंह ने कहा कि उनके नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह हर समय बिहार की जनता के फैसले का सम्मान करते हैं और वे बिहार में एक जन भावना का सम्मान करने वाली सरकार चाहते हैं जहां जातिवाद परिवारवाद व भ्रष्टाचार का बोल वाला ना हो.