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नीतीश ने कराई नड्डा की फजीहत? पटना यूनिवर्सिटी में झेलना पड़ा विरोध, AISA के छात्रों ने काफिला रोककर जेपी नड्डा ‘GO BACK’ नारे लगाये
 


भाजपा के संयुक्त मोर्चा राष्ट्रीय कार्यकरिणी में शामिल होने पटना पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ है. शनिवार को जब जेपी नड्डा पटना यूनिवर्सिटी पहुंचे तो बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. जेपी नड्डा गो बैक के नारों से पूरा पटना यूनिवर्सिटी का परिसर काफी देर तक गूंजता रहा. 

जी हाँ जे.पी. नड्डा का पटना यूनिवर्सिटी के पटना कॉलेज परिसर में AISA से जुड़े छात्रों ने काला झंडा दिखाकर विरोध-प्रदर्शन  किया. भारी सुरक्षा के बीच अचानक से AISA के कार्यकर्ता जे.पी. नड्डा के काफिले के सामने आ गये और काला झंडा दिखाते हुए जेपी नड्डा गो बैक के नारे के साथ विरोध करने लगे. AISA कार्यकर्ता पटना यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा देने, नई शिक्षा नीति 2020 को वापस लेने सहित कई मांग कर रहे थे. यही नहीं आइसा से जुड़े छात्रों ने नड्डा के खिलाफ नारेबाजी की और मोदी सरकार पर पटना यूनिवर्सिटी के हितों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया. 

दरअसल नड्डा और भाजपा के नेता जब तक कुछ समझ पाते पूरा पटना यूनिवर्सिटी का परिसर जेपी नड्डा गो बैक के नारों से गूंजता रहा. वहीं इसके खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने भी आइसा का विरोध शुरू कर दिया. कुछ समय तक दोनों पक्षों के बीच तीखी तकरार हुई. बाद में भारी हंगामे को देखते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज कर AISA कार्यकर्ताओं को मौके से हटाया गया.

भव्य रोड शो के साथ पटना की सडकों पर उत्साहजनक स्वागत के बाद पटना यूनिवर्सिटी में जब नड्डा के खिलाफ नारेबाजी शुरू हुई तो कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई. वहीं इस पूरे कार्यक्रम के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पटना यूनिवर्सिटी में विरोध अचानक से चर्चा में आ गया. पटना पुलिस और प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को क्या इस बात की जानकारी नहीं थी कि इस तरह का विरोध हो सकता है? यह एक बड़ा सवाल है. साथ ही साथ राज्य सरकार का सूचना तंत्र और गृह विभाग जो खुद मुख्यमंत्री के पास है. वह इस मामले में कितना सतर्क था. इसे लेकर भी अब बीजेपी के नेता सवाल खड़े कर रहे हैं.

दरअसल, जेपी नड्डा का जन्म और पढाई लिखाइ पटना में हुई. वे युवावस्था तक पटना में रहे. उनके परिवार के लोगों का पटना से दशकों का नाता रहा. इसलिए अपने पुराने शिक्ष्ण संस्थान का सुध लेने नड्डा पटना यूनिवर्सिटी गए थे. लेकिन उन्हें वहां भारी विरोध का सामना करना पड़ा. इस मामले पर अब राजनीति भी शुरू हो गयी.

इस मामले पर बीजेपी नेताओं का कहना है कि बिहार दौरे पर आए भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा की फजीहत उनके ही गठबंधन वाली सरकार ने करा दी है. बीजेपी बिहार में सत्ताधारी गठबंधन में शामिल है. इसके बावजूद नीतीश सरकार जेपी नड्डा की सुरक्षा का पूरा इंतजाम नहीं रख पाई. बीजेपी नेता सवाल उठा रहे हैं कि ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि आखिर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम को जानने के बावजूद सुरक्षा का पूरा इंतजाम क्यों नहीं रखा गया? क्या बिहार की खुफिया एजेंसियों को इस बात की भनक नहीं लगी कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का विरोध हो सकता है?