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आरसीपी सिंह ने सादे कागज पर दो लाइन लिखकर जदयू से दिया इस्‍तीफा, कहा- नीतीश 7 जन्म में भी PM नहीं बनेंगे
 

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे आरसीपी ने शनिवार की शाम पार्टी से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने सादे कागज पर दो लाइन में इस्तीफा लिखा है. आरसीपी ने अपने इस्तीफा में लिखा है 'मैं रामचंद्र प्रसाद सिंह, जनता दल (यू) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं.' इस्तीफ देने से पहले आरसीपी ने अपनी भड़ास भी निकाली. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सात जन्म में भी पीएम नहीं बन पाएंगे. आरसीपी ने कहा कि जिसने भी उन्हें नोटिस भेजा उसने मेरे नाम के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री लिखा है. सवालिया लहजे में उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बोलने या लिखने में उन्हें शर्म लग रही था क्या?

जदयू डूबता जहाज, झोला ढोने से कोई फायदा नहीं 

आरसीपी सिंह ने जदयू  नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग शीशे के घर में रहते हैं, वो दूसरों के घर पर पत्थर नहीं फेंका करते. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी उन पर आरोप लगाये गए थे, लेकिन हुआ क्या. उन्‍होंने कहा कि डूबता जहाज है. अब झोला ढोने से कोई फायदा नहीं होना वाला है. पार्टी नेताओं द्वारा जान-बुझकर मेरी इमेज खराब करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी में कुछ जालसाज है. जालसाज लोगों के पास बस यही काम रह गया है.

जदयू ने आरसीपी पर लगाया भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप 

जदयू ने आरसीपी सिंह पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाकर स्पष्टीकरण की मांग की थी. पार्टी  नोटिस जारी कर पूछा था कि 2013-2022 के बीच इतनी संपत्ति उन्होंने कैसे बनाई? इसके बाद आरसीपी सिंह ने कहा कि उनकी एक बेटी आईपीएस है तो दूसरी अधिवक्ता है. साल 2010 से ही दोनों बेटियां इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करती आ रही हैं. उनके पिता भी सरकारी नौकरी में थे. उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति हमारी दोनों बेटियों के नाम कर दी थी. आरसीपी के आगे कहा कि जमीन की खरीद एक बार में नहीं, बल्कि टुकड़े में हुई थी. कुछ मामला जमीन के बदले जमीन का भी है. उन्होंने कहा कि उनके बैंक अकाउंट से एक रुपये का भी लेन-देन नहीं हुआ है. हमारे ऊपर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वो सभी निराधार हैं.