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तेजस्वी के भाषण में बार -बार अटकने की वजह आई सामने
 

बिहार विधानसभा भवन शताब्दी स्मृति स्तंभ के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मंगलवार 12 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना आए. इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई मंत्री और विधायक मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में तेजस्वी ने चार मिनट भाषण दिया. इस चार मिनट के भाषण में तेजस्वी पांच बार अटके. इसको लेकर तेजस्वी की काफी किरकिरी हुई. वहीं तेजस्वी के करीबी सूत्रों ने बताया की तेजस्वी यादव की आंखे ख़राब हो गई है जिसके कारण वो भाषण देने के दौरान अटक रहे थे. 

भाषण में अटकने पर तेजस्वी यादव पर BJP ने ली चुटकी, कहा- अशिक्षा के कारण  बिहार का किया अपमान - tejashwi yadav stammer in his speech given in bihar  assembly bjp attacked

तेजस्वी यादव के राजनीतिक सलाहकार संजय यादव ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री भागवत झा आजाद के बेटे व प्रख्यात नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ राजवर्धन आजाद से अपनी आंखों को दिखाया है. जांच के दौरान पता चला कि उसकी आंखों का दबाव बढ़ गया था और यही वजह थी कि वह मंच पर ठीक से नहीं पढ़ पा रहे थे. करीबी सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक रिपोर्ट बताती है कि बहुत अधिक फ्लूड प्रोड्यूस हो रहा है जिससे आंखों का दबाव बढ़ जाता है. 

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के मामले को लेकर पटना नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ सुनील कुमार ने बताया कि, 'कुछ समय के लिए अगर दबाव बढ़ जाये तो, आंखों की रोशनी जाने की संभावना होती है.'' सामान्य आंख का दबाव 10 से 21 मिमी एचजी के बीच होता है और यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अलग-अलग होता है, लेकिन औसत आंख का दबाव लगभग 15 मिमी एचजी होता है. 

बता दें आंखों के फ्रंट एरिया में फ्लूइड रहता है. जब यह फ्लूइड आंख से पूरी तरह से सूखता नहीं, तो आंखों के अंदर प्रेशर बिल्डअप होता है. नॉर्मल से ज्यादा प्रेशर होने पर उसे ऑक्युलर हायपरटेंशन कहा जाता है. ऑक्युलर हायपरटेंशन ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचा सकता है, आंख के अंदर ज्यादा दबाव होने से ग्लूकोमा का खतरा बढ़ सकता है.