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चिराग को चाचा पारस का खुला चैलेंज- 'वो या उनकी मां हाजीपुर से लड़ लें मैं तैयार'
 

केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने जमुई सांसद और अपने भतीजे चिराग पासवान को खुला चैलेंज किया है. उन्होंने कहा है कि उनका हाजीपुर से चुनाव लड़ना तय है. अब उनके खिलाफ चिराग पासवान आ जाए या उनकी मां वो तैयार हैं. जनता फैसला कर देगी. पारस ने अपने भतीजे पर हमला बोलते हुए गंभीर आरोप भी लगा दिया. उन्होंने कहा कि दल तो टूटा ही दिल भी टूट गया और जब दिल टूटता है तो वह फिर नहीं जुड़ता है. 

Chirag Paswan got 'helicopter', Pashupati Paras got 'sewing machine', EC  gave election symbol - Youthistaan

यही नहीं चिराग से सवाल करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष से क्यों हटाया गया. अपना दर्द बताते हुए उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान के जीते जी कभी तीनों भाइयों में कोई मतभेद नहीं हुआ. लेकिन उनके नहीं रहने पर भतीजे ने दिल तोड़ दिया. वहीं उन्होंने एक अन्य सवाल के जबाब में कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था है और देश का कानून बड़े से बड़े और छोटे से छोटे के लिए एक ही है. जब आप कानून का पालन नहीं कीजिएगा तो क्या होगा. सिर्फ लालू जी नहीं देश में दर्जनों लीडर हैं जिसके यहां ईडी का छापा पड़ रहा है.

दरअसल हाजीपुर पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री ने सबसे पहले चिराग पासवान द्वारा स्थापित किए गए रामविलास पासवान की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. उसके बाद सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रामविलास पासवान को अपमानित करने का आरोप चिराग पासवान पर लगा दिया. उन्होंने कहा की तीन जगहों पर रामविलास पासवान की प्रतिमा आनन फानन में लगा दिया गया. लेकिन कहीं शेड नहीं है तो कहीं प्रतिमा क्षतिग्रस्त कर दिया गया. उन्होंने ऐलान करते हुए कहा की हाजीपुर में लगे प्रतिमा के ऊपर शेड लगवाने में जितना पैसा लगेगा. वह अपने वेतन से देंगे और प्रतिमा पर शेड लगवाया जाएगा.

वहीं उन्होंने एक सवाल के जवाब में भतीजे चिराग पासवान को हाजीपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए कहा कि "चिराग पासवान आएं या उनकी मां चुनाव लड़ें मैं तो एनडीए का उम्मीदवार हूं. देखते हैं चिराग किस दल से आते हैं. लेकिन किसी भी दल से आए मैं तैयार हूँ. मैं एनडीए का उम्मीदवार हूँ. जनता फैसला करेगी. जब रामविलास पासवान का शव पटना आया था तो उनकी पहली पत्नी और दोनों पुत्रियों को छूने भी नहीं दिया गया था. चिराग से पूछिए उस दिन उसकी बहन और मां नहीं थीं. उन लोगों को सर्वेंट क्वाटर में रखता था. 

पशुपति कुमार पारस यहीं नहीं रुके, उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि चिराग हाजीपुर में घूम-घूमकर आंसू बहा लोगों को दिग्भ्रमित कर रहे हैं तथा परिवार से अपना लगाव दिखा रहे हैं. उस दिन उनका परिवार से लगाव कहां गया था जब स्व. पासवान के शव को भी उसी परिवार के सदस्यों को छूने तक नहीं दिया गया था. परिवार के सदस्य को सर्वेंट क्वार्टर में रखा जाता था तब उनका परिवार के प्रति लगाव कहां था.  70 साल तक परिवार में कुछ नहीं हुआ और उसने पार्टी तोड़कर सब कुछ समाप्त कर दिया. खैर इस तरह के आरोप तो आप अक्सर ही देखा करते हैं लेकिन इस बार जो पशुपति कुमार पारस ने अपने भतीजे चिराग को खुला चैलेंज दिया है उस पर देखते हैं कि चिराग क्या करते हैं ?

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