भाजपा से निलंबित पूर्व सांसद आरके सिंह का धमकी भरा वीडियो वायरल, बोले- “उंगली उठाएगा तो आंख में घुसेड़ देंगे”
Political news: आरा के पूर्व सांसद और भाजपा से निलंबित हो चुके आरके सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह बेहद आक्रामक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते नज़र आ रहे हैं। वीडियो में आरके सिंह खुली चेतावनी भरे अंदाज़ में कहते हुए दिखते हैं कि- “कोई डराना चाहे तो डरा ले, हम डरने वालों में से नहीं। कोई उंगली उठाएगा तो दोनों उंगली आंख में घुसेड़ देंगे। कोई कार्रवाई करके देखे, उसको मुंह छुपाने की जगह नहीं मिलेगी।”
वीडियो में उनका तेज़ लहजा यहीं नहीं रुकता। आगे वह कहते हैं- “हम शुरू से ऐसे ही हैं। शांत हैं तो शांत हैं, लेकिन थोड़ा भी इधर-उधर करिएगा तो नंगा करके रख देंगे।”
हालांकि यह वीडियो कब और कहां रिकॉर्ड किया गया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन उनकी बॉडी लैंग्वेज और टोन से साफ है कि संदेश बेहद सख्त है।
इस्तीफे के तुरंत बाद वीडियो ने बढ़ाई हलचल
यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब आरके सिंह हाल ही में भाजपा से अलग होने की घोषणा कर चुके हैं। पार्टी से दूरी बनाने के बाद उनका यह तीखी चेतावनी वाला वीडियो भाजपा के लिए नई मुश्किल खड़ी कर सकता है। राजनीतिक हलकों में इसे उनकी खुली नाराज़गी का संकेत माना जा रहा है।
उम्मीदवार चयन पर नाराजगी से शुरू हुआ विवाद
आरके सिंह पार्टी छोड़ने से पहले भी सुर्खियों में रहे। उन्होंने भाजपा नेतृत्व पर उम्मीदवार चयन में गंभीर सवाल उठाए थे। इतना ही नहीं, उन्होंने एक उम्मीदवार को वोट न देने की अपील कर पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। इस घटना ने उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच बढ़ते टकराव को खुलकर सामने ला दिया।
बिजली क्षेत्र में अनियमितता का आरोप बना विवाद की जड़
इस्तीफे से ठीक पहले आरके सिंह ने बिजली क्षेत्र में भारी वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया था। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा। इसी के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया। अब वायरल हो रहा वीडियो बताता है कि मामला सिर्फ नाराज़गी तक सीमित नहीं है- यह एक राजनीतिक टकराव का खुला ऐलान बन चुका है।
वायरल वीडियो से बढ़ी सियासी गर्मी
वीडियो फैलते ही राजनीतिक बयानबाज़ी और चर्चाएँ तेज हो गई हैं। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आरके सिंह का यह तल्ख़ बयान आने वाले समय में सत्ताधारी दल और उनके बीच नई सियासी जंग की शुरुआत हो सकता है।







