मकर संक्रांति के बाद नीतीश कुमार निकलेंगे बिहार यात्रा पर, जिलों में तैयारी शुरू, कैबिनेट विस्तार पर लग सकता है ब्रेक
Bihar political update: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मकर संक्रांति पर दही-चूड़ा भोज के तुरंत बाद राज्यव्यापी बिहार यात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं। सूत्रों के मुताबिक 16 जनवरी से मुख्यमंत्री की यात्रा शुरू होने की प्रबल संभावना है। हालांकि अब तक इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जिलों को यात्रा को लेकर आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं और जिला स्तर पर तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।
खरमास समाप्त होते ही प्रस्तावित इस यात्रा को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। विधानसभा चुनाव के बाद नई सरकार के गठन के पश्चात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह पहली बिहार यात्रा होगी। इस दौरान वे एक वर्ष पूर्व शुरू की गई ‘प्रगति यात्रा’ में की गई घोषणाओं और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे। इसके साथ ही हालिया विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिले प्रचंड जनादेश के लिए जनता का आभार भी व्यक्त करेंगे।
सूत्र बताते हैं कि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियों से संवाद कर सकते हैं और मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे। इससे साफ है कि यह यात्रा केवल औपचारिक नहीं, बल्कि विकास और सामाजिक योजनाओं के मूल्यांकन से जुड़ी होगी।
कैबिनेट विस्तार पर असमंजस, यात्रा बन सकती है वजह
इधर, बिहार में खरमास के बाद कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं भी जोर पकड़ रही हैं, लेकिन मुख्यमंत्री की बिहार यात्रा के कारण इसमें देरी की संभावना जताई जा रही है। नवंबर 2025 में नई सरकार के गठन के समय मुख्यमंत्री समेत 27 मंत्रियों ने शपथ ली थी। बाद में नितिन नवीन के भाजपा का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद मंत्रिपरिषद में रिक्तियां और बढ़ गईं।
संविधान के अनुसार बिहार में अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं, जबकि वर्तमान में 10 पद खाली हैं। सियासी गलियारों में चर्चा है कि इन पदों को खरमास के बाद भरा जाना था, लेकिन अब मुख्यमंत्री की यात्रा प्राथमिकता में आ गई है। फिलहाल मंत्रिपरिषद में भाजपा के 13, जदयू के 9, लोजपा-आर के 2 और RLM व HAM के 1-1 मंत्री शामिल हैं। संभावित विस्तार में जदयू से 6, भाजपा से 3 और लोजपा-आर से 1 मंत्री बनाए जाने की अटकलें हैं।
हालांकि कैबिनेट विस्तार को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में साफ है कि फिलहाल मुख्यमंत्री की बिहार यात्रा सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर है और मंत्रिपरिषद का विस्तार उसके बाद ही संभव नजर आ रहा है।







