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बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही सियासी पारा चढ़ा, अमित शाह बोले– बिहार फिर चुनेगा विकास की राजनीति

 
बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही सियासी पारा चढ़ा, अमित शाह बोले– बिहार फिर चुनेगा विकास की राजनीति

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों के ऐलान के साथ ही प्रदेश का राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया है। चुनाव आयोग ने मंगलवार को घोषणा की कि बिहार में दो चरणों में मतदान होगा — पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को। मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।

घोषणा के तुरंत बाद ही राजनीतिक दलों ने अपने-अपने सुर तेज कर दिए हैं। सत्ताधारी एनडीए से लेकर विपक्षी दलों तक ने जनता के बीच पहुंच बनाना शुरू कर दिया है।

अमित शाह बोले- “बिहार ने जंगलराज से निकलकर विकास की नई राह पकड़ी”

चुनाव की घोषणा के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार की जनता को लोकतंत्र के इस “महापर्व” की बधाई दी। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी है। लोकतंत्र के इस महापर्व के लिए समस्त बिहारवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। मोदी जी के नेतृत्व में NDA सरकार ने बिहार को जंगलराज से निकालकर विकास और सुशासन की नई दिशा दी है। आज बिहार गरीब कल्याण, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बन रहा है। मुझे पूरा विश्वास है कि बिहार की जनता इस बार भी विकास की राजनीति को चुनेगी।”

शाह के इस बयान को बीजेपी का चुनावी बिगुल माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने साफ संदेश दिया है कि NDA सरकार “विकास बनाम अराजकता” के मुद्दे पर जनता के बीच जाएगी।

सम्राट चौधरी ने भी जताया भरोसा

वहीं, बिहार भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने भी चुनाव की तारीखों का स्वागत करते हुए कहा कि बिहार अब पिछली स्थिति से निकल चुका है।

उन्होंने कहा,“चुनाव आयोग द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा स्वागतयोग्य है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास की तेज रफ्तार पकड़ ली है। आने वाले चुनाव में जनता एक बार फिर एनडीए को आशीर्वाद देगी।”

विपक्ष भी करेगा पलटवार

चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही विपक्षी दलों ने भी अपने रणनीतिक बैठकें तेज कर दी हैं। सूत्रों के मुताबिक, राजद, कांग्रेस और वाम दलों का गठबंधन जल्द ही उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकता है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में बिहार में तेज बयानबाजी, रैलियों और जनसंपर्क अभियानों की बाढ़ आने वाली है।