Bankipur By Election: बीजेपी ने झोंकी पूरी ताकत, 13 दिनों में तीसरी बार पटना पहुंचे नितिन नवीन, दो दिन तक चुनावी रणनीति पर होगा मंथन
Bihar Politics: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चुनावी अभियान पूरी तरह तेज कर दिया है. इसी क्रम में वरिष्ठ नेता और मंत्री नितिन नवीन 13 दिनों में तीसरी बार पटना पहुंचे हैं. माना जा रहा है कि पार्टी इस सीट को प्रतिष्ठा की लड़ाई मानते हुए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती.

नितिन नवीन अगले दो दिनों तक पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ लगातार बैठकें करेंगे. इस दौरान चुनावी रणनीति, संगठन की मजबूती, बूथ प्रबंधन और मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने पर विशेष मंथन होगा. पार्टी का फोकस हर बूथ पर मजबूत पकड़ बनाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर है. इसके बाद वे पार्टी नेताओं और विधायकों के साथ बैठकों में शामिल होंगे. माना जा रहा है कि इन बैठकों में बांकीपुर उपचुनाव और राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात पर विस्तार से चर्चा होगी.
बांकीपुर उपचुनाव से पहले यह तीसरा दौरा
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के बाद नितिन नवीन का यह तीसरा बिहार दौरा है. इससे पहले वे 13 जुलाई और 18 जुलाई को भी पटना आए थे. दोनों दौरों में उन्होंने लगातार पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें की थीं. अब एक बार फिर उनका पटना आना साफ संकेत देता है कि भाजपा इस सीट को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती.
बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा. वोटों की गिनती 3 अगस्त को होगी. नितिन नवीन मतदान के दिन भी पटना पहुंचेंगे और अपना वोट डालेंगे. ऐसे में चुनाव से पहले उनकी मौजूदगी को संगठन के लिए अहम माना जा रहा है.
नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद बांकीपुर सीट खाली हुई. पहले भाजपा ने अभिषेक कुमार 'बंटी' को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन बाद में पार्टी ने फैसला बदलते हुए नीरज सिन्हा को मैदान में उतार दिया. अब नीरज सिन्हा भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवार हैं.
बांकीपुर में इस बार मुकाबला आसान नहीं माना जा रहा है. भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा के सामने जन सुराज के प्रशांत किशोर और राजद की रेखा देवी चुनाव मैदान में हैं. खासकर प्रशांत किशोर लगातार चुनाव प्रचार में सक्रिय हैं और स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की शिक्षा और राजनीतिक पृष्ठभूमि को भी चुनावी मुद्दा बना रहे हैं.
13 और 18 जुलाई के दौरे में क्या हुआ था?
13 जुलाई को नितिन नवीन पटना पहुंचे थे. उसी दिन भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा ने नामांकन दाखिल किया था. अगले दो दिनों तक उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कीं और चुनाव जीतने की रणनीति पर चर्चा की. इसके बाद 18 जुलाई को वे फिर पटना आए. इस दौरान भी संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने पर जोर दिया गया. पार्टी नेतृत्व ने साफ संदेश दिया कि बांकीपुर की सीट हर हाल में भाजपा के पास ही रहनी चाहिए.
इस बार किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे में नितिन नवीन पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे. छात्र आंदोलन की स्थिति की भी समीक्षा हो सकती है. साथ ही सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में भी उनके शामिल होने की संभावना है.
क्यों अहम है यह दौरा?
बांकीपुर भाजपा का पारंपरिक गढ़ रहा है. ऐसे में पार्टी इस सीट पर कोई चूक नहीं चाहती. लगातार तीसरी बार नितिन नवीन का पटना आना यही संकेत देता है कि भाजपा उपचुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई मानकर पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुकी है.







